टीईटी 2022-23 की तैयारियां अधिकारियों के लिए बनेंगी चुनौती, जानिए कब होगी परीक्षा
रविशंकर गुप्ता लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा यूपीटीईटी 2022-23 (Teacher Eligibility Test UPTET 2022-23 ) का आयोजन इस बार चुनौती बनेगा। अभी तक विभाग की ओर से कोई तैयारी नहीं शुरू हो सकी है। इस संबंध में अधिकारियों ने अभी कुछ भी बोलने से इनकार किया है। इस स्थिति में दिसंबर में परीक्षा हो पाना संभव …
रविशंकर गुप्ता लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा यूपीटीईटी 2022-23 (Teacher Eligibility Test UPTET 2022-23 ) का आयोजन इस बार चुनौती बनेगा। अभी तक विभाग की ओर से कोई तैयारी नहीं शुरू हो सकी है। इस संबंध में अधिकारियों ने अभी कुछ भी बोलने से इनकार किया है। इस स्थिति में दिसंबर में परीक्षा हो पाना संभव नहीं है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शासन की लापरवाही का खामियाजा अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ेगा। दरअसल पिछली बार टीईटी पेपल लीककांड के बाद तत्कालीन परीक्षा नियामक प्रधिकारी संजय उपाध्याय पर कार्रवाई के बाद इसी पद पर दोबारा से अनिल भूषण चतुर्वेदी को भेजा गया था। पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा की कमान अनिलभूषण ने संभाली थी, लेकिन इस बार अभी तक प्रश्नपत्र छपने से लेकर केन्द्र निर्धारण की तैयारियां नहीं हो सकी है। अधिकारियों ने बताया कि कार्यालय में रजिस्ट्रार और डिप्टी रजिस्ट्रार का पद खाली चल रहा है। इस पर भी अभी शासन ने कोई निर्णय नहीं लिया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एक प्रस्ताव प्रमुख सचिव दीपक कुमार को भेजा गया था, जिस पर अभी अमल नहीं हो सका है। वहीं दूसरी ओर परीक्षा नियामक प्राधिकारी का पद संभाल रहे अनिल भूषण चतुर्वेदी (Anil Bhushan Chaturvedi) के पास प्राचार्य राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान और अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) की भी जिम्मेदारी है। ऐसे में तैयारियां बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
प्रश्नपत्र की प्रिटिंग करवाना बड़ी चुनौती
अधिकारियों ने बताया कि प्रश्नपत्र की प्रिटिंग मामले में कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है। ऐसे में विभाग को इंतजार इस बात का है कि शासन से अगर सरकारी प्रेस में प्रश्नपत्र छपने की अनुमति मिल जाये तो ज्यादा बेहतर है। दरअसल इससे पहले तत्कालीन परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय के कार्यकाल में टीईटी आयोजन के दौरान पेपर लीक हो गया था, जिसके बाद संजय उपाध्याय को लापरवाही के आरोप मुकदमा दर्ज हुआ था और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था, ऐसे में प्रिटिंग में लापरवाही न होने पाये इसको लेकर अधिकारी चितिंत है।
राज्य से एक हजार किलोमीटर प्रिटिंग कराने का है नियम
अधिकारियों ने बताया कि नियमावली के मुताबिक किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र की प्रिटिंग करवाना चुनौती होता है। क्योंकि नियमावली के मुताबिक यदि किसी प्राइवेट प्रिटिंग प्रेस में प्रश्नपत्र छपते हैं तो वह राज्य से एक हजार किलोमीटर दूर होना चाहिए। ऐसे में प्रश्नपत्र की प्रिटिंग के लिए एक स्पेशल टीम लगानी होगी। हालांकि पीईटी के आयोजन के बाद अधिकारी इस कोशिश में हैं कि आसान रास्ता निकल सके।
शासन को प्रस्ताव भेजने की तैयारी
वहीं परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय प्रयागराज कार्यलय से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक टीईटी के आयोजन के लिए तिथि के निर्धारण के लिए जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेजा जायेगा, इसके बाद शासन जो तिथि निर्धारित करेगा उसके बाद परीक्षा की अगली तैयारियां शुरू की जायेंगी।
