बरेली: जुलूस-ए-गौसिया में अंजुमन बुक न करें डीजे

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बरेली, अमृत विचार। 11वीं शरीफ पर बड़े पीर गौस-ए-पाक की याद में निकलने वाला जुलूस-ए-गौसिया 4 या 5 नवंबर को सैलानी रज़ा चौक से निकाला जाएगा। अंजुमन गौसो रज़ा (टीटीएस) के तत्वाधान में लगभग 80 अंजुमने शिरकत करती हैं। जुलूस दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती व बानी-ए-जुलूस सज्जादानशीन मुफ़्ती …

बरेली, अमृत विचार। 11वीं शरीफ पर बड़े पीर गौस-ए-पाक की याद में निकलने वाला जुलूस-ए-गौसिया 4 या 5 नवंबर को सैलानी रज़ा चौक से निकाला जाएगा। अंजुमन गौसो रज़ा (टीटीएस) के तत्वाधान में लगभग 80 अंजुमने शिरकत करती हैं। जुलूस दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती व बानी-ए-जुलूस सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मिया) की क़यादत में शाम 6 बजे निकाला जाएगा। जुलूस की तैयारियों को लेकर आज एक बैठक सैलानी रज़ा चौक पर सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां की सरपरस्ती में हुई।

अंजुमन गौसो रज़ा (टीटीएस) के सदर हाजी शारिक नूरी ने कहा कि दरगाह आला हज़रत के बुजुर्ग व उर्स-ए-रज़वी के मंच से देश भर के बड़े-बड़े उलेमा ने मुसलमानों से अपने सभी कार्यक्रमों में डीजे पर रोक लगाने व इसे सख्ती से रोक लगाने को कहा था। उसी पर अमल करते हुए जुलूस में शामिल होने वाली अंजुमनों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी अंजुमन डीजे बुक न करें। डीजे के नाम पर किसी को भी हुड़दंग की इजाज़त नही दी जाएगी।

कायदे जुलूस हज़रत अहसन मियां की कोशिश भी यही है कि जुलूस में डीजे वाली 80-90 न हो बल्कि शरई दायरे में रहकर शामिल होने वाली 10-20 अंजुमने ही काफी है। डीजे वाली अंजुमनों को इनाम में शामिल नहीं किया जाएगा और न ही अंजुमनों के सदर सेकेट्री की दस्तारबंदी की जायेगी। एडवांस की दुहाई पर भी किसी अंजुमन को शामिल नहीं किया जाएगा। डीजे पर खर्च होने वाली रकम को किसी गरीब की मदद कर दे। सभी अंजुमने शरई दायरे में जुलूस में शामिल हो।

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