देश के सात प्रमुख शहरों में आवास की बिक्री इस वर्ष रिकॉर्ड 3.6 लाख इकाई पर पहुंच सकती है: एनारॉक
नई दिल्ली। आवास ऋण पर ब्याज दरें बढ़ने और संपत्ति की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने के बावजूद आवास की मांग सभी मूल्य श्रेणियों में मजबूत बनी हुई है और देश के सात प्रमुख शहरों में इस साल आवास बिक्री 3.6 लाख इकाई के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच सकती है। संपत्ति सलाहकार एनारॉक ने …
नई दिल्ली। आवास ऋण पर ब्याज दरें बढ़ने और संपत्ति की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने के बावजूद आवास की मांग सभी मूल्य श्रेणियों में मजबूत बनी हुई है और देश के सात प्रमुख शहरों में इस साल आवास बिक्री 3.6 लाख इकाई के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच सकती है। संपत्ति सलाहकार एनारॉक ने यह जानकारी दी।
ये भी पढ़ें- अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया में उछाल, 26 पैसे बढ़कर 82.62 पर पहुंचा
इससे पहले देश के सात प्रमुख शहरों यानी दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगरीय क्षेत्र (एमएमआर), चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में सर्वाधिक 3,42,980 आवासों की बिक्री 2014 में हुई थी। एनारॉक के आंकड़ों के मुताबिक चालू कैलेंडर वर्ष के दौरान जनवरी से सितंबर के बीच आवासीय इकाइयों की बिक्री का आंकड़ा 2,72,710 पर पहुंच गया, जो कोविड से पहले के वर्ष 2019 के बिक्री आंकड़े के पार चला गया, जब 2,61,360 इकाइयों की बिक्री हुई थी।
इस वर्ष बिक्री आंकड़ा 3.6 लाख इकाइयों तक पहुंचने का अनुमान जताते हुए संपत्ति परामर्शदाता ने कहा कि आवास ऋण पर ब्याज दर 6.5 फीसदी से बढ़कर करीब 8.5 फीसदी हो जाने पर भी आवास की मांग त्योहारों के दौरान मजबूत बनी रही है। एनारॉक समूह के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, ‘भारत में आवास बाजार के इतिहास में साल 2022 दर्ज होगा, इसने पहले के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और त्योहारी सीजन के दौरान मजबूत बिक्री की रफ्तार बनी हुई है।’
उन्होंने कहा, ‘कोविड के दौरान अपना घर होने की जो भावना पैदा हुई थी वह ब्याज दरों में बढ़ोतरी, संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और त्योहारी छूट या विशेष पेशकश के अभाव के बावजूद बनी हुई है।’ आवास की कीमतें कम से कम दस फीसदी बढ़ गई हैं। एचडीएफसी कैपिटल के प्रबंध निदेशक विपुल रुंगटा ने हाल में कहा था कि भारत में आवास की मांग आगामी वर्षों में भी मजबूत बनी रहेगी।
ये भी पढ़ें- एआईबीईए ने किया 19 नवंबर को एक दिवसीय बैंक हड़ताल का आह्वान
