लखनऊ: डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के डीन भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल
अमृत विचार लखनऊ। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्रा के नेतृत्व में, डॉ अनुज कुमार शर्मा, एसोसिएट डीन, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन एकेटीयू चार दिनों के आसियान–इंडिया स्टार्टअप फेस्टिवल-2022 में भाग लेने के लिए चयनित हुआ है। 27 से 30 अक्टूबर तक इंडोनेशिया में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम …
अमृत विचार लखनऊ। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्रा के नेतृत्व में, डॉ अनुज कुमार शर्मा, एसोसिएट डीन, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन एकेटीयू चार दिनों के आसियान–इंडिया स्टार्टअप फेस्टिवल-2022 में भाग लेने के लिए चयनित हुआ है। 27 से 30 अक्टूबर तक इंडोनेशिया में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में डॉ अनुज को शामिल होने का मौका मिलेगा। यह विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है साथ में देश का भी नाम रोशन होगा।
यूपी में इनोवेशन इकोसिस्टम को विकसित करने में मिलेगी मदद
अमृत विचार से बातचीत में कुलपति ने बताया की इससे उत्तर प्रदेश में इनोवेशन इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद मिलेगी एवं उत्तर प्रदेश सरकार एवं विश्वविद्यालय के द्वारा इस क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों को बल मिलेगा।
आसियान-भारत साझेदारी की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर 27 से 30 अक्टूबर 2022 तक इंडोनेशिया में ‘आसियान-भारत स्टार्टअप महोत्सव 2022’ का आयोजन किया जा रहा है।
भारत के 20 विशेषज्ञ और गणमान्य व्यक्ति एवं भारत के 30 शॉर्टलिस्ट किए गए स्टार्टअप के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। आसियान दस दक्षिण पूर्व एशियाई देशों का एक संगठन कहलाता है जिसमे ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देश शामिल हैं। इस आयोजन में, स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर IIT कानपुर में प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटर को भारत के प्रमुख समन्वयक के रूप में चुना गया है।
ये है इस आयोजन का उद्देश्य
इस आयोजन का उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आसियान-भारत साझेदारी के बीच सहयोग को बढ़ाना और मजबूत करना है। यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार द्वारा समर्थित है। आसियान-भारत स्टार्टअप फेस्टिवल भारतीय स्टार्टअप को अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र के व्यवसायों और निवेशकों से जुड़ने और आसियान देशों के साथ सीमा पार संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।
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