उप्र: दलालों पर अंकुश लगाने के लिए रणनीति बनायेगा पॉवर कार्पोरेशन
अमित सिंह, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन मुख्यालय शक्ति भवन से लेकर कार्पोरेशन की पांचों कंपनियों में दलालों का सीधे हस्तक्षेप है। यहां से निकलने वाले सभी कामों, उपभोक्ताओं के लिए की जारी होने वाली योजना और टेंडरों की पूरी जानकारी दलालों के पास होती है। इतना ही नहीं दलालों की सीधी पकड़ मुख्य अभियंता …
अमित सिंह, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन मुख्यालय शक्ति भवन से लेकर कार्पोरेशन की पांचों कंपनियों में दलालों का सीधे हस्तक्षेप है। यहां से निकलने वाले सभी कामों, उपभोक्ताओं के लिए की जारी होने वाली योजना और टेंडरों की पूरी जानकारी दलालों के पास होती है। इतना ही नहीं दलालों की सीधी पकड़ मुख्य अभियंता कार्यालय से लेकर सर्किल, डिवीजन और अवर अभियंता कार्यालय तक होती है।
कर्मचारियों और अधिकारियों से डायरेक्ट सेटिंग होने की वजह से ये दलाल उपभोक्ताओं को अपने चंगुल में फंसाने में पूरी तरह से कामयाब हो जाते हैं। इस दौरान कुछ उपभोक्ता उनकी गिरफ्त में आने से ठगी के शिकार हो जाते हैं। जिससे उनका बिजली विभाग से विश्वास उठता जा रहा है।
दलालों पर अंकुश लगाने की तैयारी में पॉवर कार्पोरेशन
उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन दलालों पर अंकुश लगाने के लिए पूरी तरह से तैयारी में है। इसके लिए शक्ति भवन में तैनात अधिकारियों को हाईकमान से एक कारगर रणनीत तैयार करने का आदेश दिया गया है। बताया जा रहा कि अधिकारियों की ओर से तैयार की गई इस ठोस योजना के माध्यम से दलालों पर अंकुश लगाने में पॉवर कार्पोरेशन कामयाब हो होगा।
सूत्रों ने बताया कि शक्ति भवन में इस योजना को अमल में लाने के बाद इसे जमीनी स्तर पर लाने के लिए कार्पोरेशन के पॉचों डिस्कामों, जोन कार्यालयों, मुख्य अभियंता कार्यालय से लेकर अवर अभियंता कार्यालय में भी इस योजना को लागू कराया जाएगा। इसको सफल कराने के लिए कार्पोरेशन के शक्ति भवन में बैठे अधिकारियों को पूरी सक्रियता से काम करने निर्देश दिया गया है। वे मुख्यालय में बैठ दलालों पर पाबंदी बनाने के लिए नजरें बनाये रहेंगे।
उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क की कोशिश
इस रणनीति के माध्यम से पॉवर कार्पोरेशन सीधे उपभोक्ताओं के संपर्क में आने की कोशिश करेगा। उच्चाधिकारियों से लेकर छोटे स्तर के अधिकारियों, कर्मचारियों को उपभोक्ताओं से डायरेक्ट संबंध स्थापित करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। इस तकनीक माध्यम से विभाग उपभोक्ताओं के विश्वास को पहले जितने की कोशिश करेगा। इसके बाद उन्हे संदेश देगा कि आप सीधे विभाग के अधिकारियों के संपर्क में आइए और अपने समस्याओं का समाधान कराइए। वहीं प्रबंधन की ओर से यह भी संदेश दे दिया गया है कि जो अभियंता या कर्मचारी सक्रिय भूमिका में नहीं आएगा और लोगों के संपर्क साधने की कोशिश नहीं करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बनेगी टीम
सूत्रों ने बताया दलालों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के मूड में पॉवर कार्पोरेशन है। उपभोक्ताओं से दलालों की सीधी पकड़ को खत्म करना चाह रहा है। इसके लिए कार्पोरेशन की ओर से शक्ति भवन, डिस्काम, मुख्यालय स्तर पर सक्रिय अभियंताओं की टीम बनाई जाएगी। यह टीम सीधे दलालों के कॉकस को तोड़ने का काम करेगी। यह टीम दलालों को चिन्हित करने के बाद उनकी पूरी गतिविधियों पर नजर रखेगी।
आपको बता दें कि प्रदेश के सभी मुख्य अभियंता कार्यालय, सर्किल और खंडीय कार्यालयों में दलालों का सीधा हस्तक्षेप रहता है। ये दलाल अभियंता और कर्मचारियों के सीधे संपर्क में रहते हैं। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं के भी विश्वासों को जितने में यह कामयाब रहते हैं। जिसकी वजह से उपभोक्ता विभाग से सीधे संपर्क न करके इनसे संपर्क करता है।
