वर्ष 1948 में भारतीय सैनिकों के साहस और कार्रवाई को याद कर मनाया गया जोजिला दिवस
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में द्रास के पास जोजिला युद्ध स्मारक पर मंगलवार को जोजिला दिवस मनाया गया। इसका आयोजन लद्दाख के प्रवेश द्वार जोजिला दर्रे की बर्फीली ऊंचाइयों पर वर्ष 1948 में भारतीय सैनिकों के साहस और कार्रवाई का जश्न मनाने के लिए किया गया। ये भी पढ़ें:-हिमाचल विस चुनाव: कुलदीप तंवर बोले- ओपीएस पर कर्मचारियों …
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में द्रास के पास जोजिला युद्ध स्मारक पर मंगलवार को जोजिला दिवस मनाया गया। इसका आयोजन लद्दाख के प्रवेश द्वार जोजिला दर्रे की बर्फीली ऊंचाइयों पर वर्ष 1948 में भारतीय सैनिकों के साहस और कार्रवाई का जश्न मनाने के लिए किया गया।
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रक्षा मंत्रालय के श्रीनगर स्थित प्रवक्ता ने कहा कि लेह की फायर एंड फ्यूरी कोर के द्रास वॉरियर्स के कमांडर ने जोजिला दर्रे को पाकिस्तान घुसपैठियों से मुक्त कराने में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए पुष्पांजलि अर्पित की।
जोजिला दिवस भारतीय सेना की बहादुरी की अदम्य प्रतीक है। इस लड़ाई को ऐतिसाहिक माना जाता है क्योंकि इतनी ऊंचाई पर पहली बार टैंकों का इस्तेमाल हुआ था। इस मौके पर द्रास ब्रिगेड के कमांडर ने जवानों से बातचीत भी की।
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