अयोध्या : अवध विश्वविद्यालय से निकाले गए शिक्षक पहुंचे हाईकोर्ट
अमृत विचार, अयोध्या। डॉ.राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में हुई अवैध नियुक्तियों की जांच में दोषी पाए गए शिक्षक अब हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए हैं। विश्वविद्यालय का पत्र पाते ही निकाले गए शिक्षकों ने उच्च न्यायालय का रुख किया है। राज्यपाल और कुलपति को प्रतिवादी बनाकर मुकदमा कर दिया है। गुरुवार को मुकदमे …
अमृत विचार, अयोध्या। डॉ.राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में हुई अवैध नियुक्तियों की जांच में दोषी पाए गए शिक्षक अब हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए हैं। विश्वविद्यालय का पत्र पाते ही निकाले गए शिक्षकों ने उच्च न्यायालय का रुख किया है। राज्यपाल और कुलपति को प्रतिवादी बनाकर मुकदमा कर दिया है। गुरुवार को मुकदमे में सुनवाई होनी है।
पूर्व कुलपति रविशंकर सिंह पटेल ने अपने लोगों की नियुक्ति के लिए रोस्टर ही बदला दिया था। कुलसचिव सहित सभी जिम्मेदार लोगों ने अपने सगे संबंधियों को नौकरी देने के लिए नियम कानून ताक पर रख दिया था। कार्य परिषद में लिफाफा खुलने के तुरंत बाद चयनित शिक्षकों को ज्वाइन भी करा दिया गया ताकि शिकायत होने पर मामले को लटकाया जा सके।
साकेत महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर जनमेजय तिवारी सहित कई संभ्रांत लोगों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री को मेल,पत्र भेजकर कुलपति को बर्खास्त कर नियुक्तियों को निरस्त करने की मांग की थी। शिकायतों पर राजभवन गंभीर हुआ और कुलपति को बुलाकर इस्तीफा ले लिया था। इसके बाद पूरे प्रकरण की जांच हाइकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने क निर्णय लिया था।
जांच में पूरी प्रक्रिया को अवैध पाया गया और इक्कीस अक्टूबर को हुई कार्यपरिषद की बैठक में रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट के आधार पर कार्यपरिषद ने शिक्षकों को निकालने का नोटिस थमा दिया। पूर्व कार्य परिषद सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वह जांच रिपोर्ट को गोपनीय रखा है और शिक्षकों को लाभान्वित करने का प्रयास कर रहा है। पूर्व दागी कुलपति के समय में हाइकोर्ट में नियुक्त विश्वविद्यालय के वकील को अभी तक हटाया भी नहीं गया।
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