बरेली: 60 हजार महीना लेकर दो सिपाही खुलेआम करवा रहे जुआ

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, संजय शर्मा। कानपुर के विकास दूबे जैसे न जाने कितने बदमाश आज भी पुलिस से मिलकर ही काम कर रहे हैं। इंस्पेक्टर, दरोगा की सेटिंग से तो बहुत काम होते हैं लेकिन अब तो चीता के सिपाही ही जुए की फड़ लगवा रहे हैं। इसके लिए वह लोग दो-चार नहीं, बल्कि महीने के 60 …

बरेली, संजय शर्मा। कानपुर के विकास दूबे जैसे न जाने कितने बदमाश आज भी पुलिस से मिलकर ही काम कर रहे हैं। इंस्पेक्टर, दरोगा की सेटिंग से तो बहुत काम होते हैं लेकिन अब तो चीता के सिपाही ही जुए की फड़ लगवा रहे हैं। इसके लिए वह लोग दो-चार नहीं, बल्कि महीने के 60 हजार रुपये ले रहे हैं। एक बार पैसा पहुंच जाए। उसके बाद शिकायत आने के बाद भी पुलिस वहां पर झांकने नहीं जाती। चीता की वसूली थाने में न बंटती हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। इससे पहले भी किला पुलिस के मुंशी और सिपाहियों पर गाज गिर चुकी है।

किला के बाकरगंज में सुबह से लेकर रात को मोबाइल की फ्लैस लाइट में जुए का बाजार गर्म रहता है। रोज 15 से बीस लोग वहां पर लाखों रुपये के दांव आजमाते हैं। यहां की महिलाओं ने कई बार इसकी शिकायत पुलिस से की लेकिन आज तक वहां से कोई भी नहीं पकड़ा गया। बाकरगंज का यह जुआ चीता के दो सिपाही करवाते हैं। पुलिस वहां पर न आए, इसके लिए उन्हें दो हजार रुपये रोज दिया जाता है। यानी महीने पर वह इन जुआरियों से 60 हजार रुपये वसूलते हैं। यह वसूली अभी शुरू नहीं हुई, सालों से चल रही है। इसके बाद थाने के अन्य लोगों पर जुए की फड़ लगाने वाले अलग से रुपया पहुंचाते हैं।

क्राइम ब्रांच से हो चुकी है शिकायतें
बाकरगंज की रहने वाली तमाम महिलाओं ने कुछ समय पहले क्राइम ब्रांच के अफसर को फोन करके यह सूचना दी थी कि अपने पति जुए में बर्वाद हो गए हैं। लाकडाउन में रोटी तक के लिए पैसा नहीं है। अब वह लोग घर का सामान बेचकर जुआ खेलने जा रहे हैं। इस पर क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें खदेड़कर आई थी।

फड़ पर गिरे होते हैं लाखों रुपये
सुबह से सजी जुए की इस फड़ पर लाखों रुपये पड़े रहते हैं। शाम तक चाहे कोई हारे जीते लेकिन जुआ कराने वाला और पुलिस को इससे फायदा ही होता है। जुआरियों का लाखों रुपया हर चाल में फड़ पर रहता है। जुआ खिलाने वाला हर बार जीत हार से अपना और पुलिस का पैसा उठा लेता है। इस बीच में उनकी सिपाहियों से व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बातचीत भी होती रहती है।

पहले भी लग चुके हैं जुआ, सट्टा कराने के आरोप
किला पुलिस पर पहली बार जुआ, सट्टा कराने के आरोप नहीं लगे हैं। इससे पहले एक जुआरी को जेल न जाना पड़े, इसके लिए वहां तैनात तमाम लोगों ने अपना पूरा जोर दिखा दिया था। लेकिन क्राइम ब्रांच से उनकी नहीं पटी और उसे जेल भेजना पड़ गया। इसके बाद भी वहां की पुलिस ने उससे 60 हजार रुपये ले लिए थे। जांच के बाद एसएसपी ने तीन लोगों को लाइन हाजिर भी किया था।

अगर जुआ कराने में सिपाहियों की भूमिका मिलती है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी मुकदमा कायम किया जाएगा। – शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी

संबंधित समाचार