लखनऊ: राजधानी का ये रिहायशी इलाका बनेगा प्रदूषण मुक्त जोन, जानिए क्या है तैयारी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार लखनऊ। राजधानी के एक रिहायशी इलाके को प्रदूषण मुक्त बनाए जाने की तैयारी चल रही है। इस क्षेत्र में सिर्फ इलेक्ट्रिक व्यवसयायिक वाहनों को प्रवेश दिया जायेगा। इसके चलते न तो यहां पर वायु प्रदूषण होगा, साथ ही वाहनों से होने वाले शोर भी बहुत कम होगा। आरटीओ कार्यालय में आरटीओ के साथ …

अमृत विचार लखनऊ। राजधानी के एक रिहायशी इलाके को प्रदूषण मुक्त बनाए जाने की तैयारी चल रही है। इस क्षेत्र में सिर्फ इलेक्ट्रिक व्यवसयायिक वाहनों को प्रवेश दिया जायेगा। इसके चलते न तो यहां पर वायु प्रदूषण होगा, साथ ही वाहनों से होने वाले शोर भी बहुत कम होगा। आरटीओ कार्यालय में आरटीओ के साथ टैम्पों पदााधिकारियों की एक बैठक भी हो चुकी है। बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चर्चा की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिये जाने की योजना को लेकर यह कदम उठाया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार फिलहाल राजधानी का कोई भी ऐसा रिहायशी क्षेत्र नहीं है, जो पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो।

बैठक में शामिल अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में राजधानी के गोमती नगर, हजरतगंज के साथ ही ऐसे इलाकों की खोज की जा रही है जहां पर इस योजना को बेहतर ढंग से संचालन किया जा सके। इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए क्षेत्रीय निवासियों का भी सहयोग लिया जायेगा। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आरटीओ कार्यालय में लखनऊ ऑटो रिक्शा थ्री व्हीलर संघ (लार्ट्स) के पदाधिकारी और सदस्य विभिन्न मुद्दे लेकर पहुंचे थे। इसी बैठक में एक क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त बनाने पर चर्चा हुई। आरटीओ प्रशासन आरपी द्विवेदी ने बताया कि जिन शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाना है, उनमें लखनऊ टॉप पर है। यहां पर 2030 तक अधिकांश वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। इनमें व्यवसायिक और निजी दोनों तरह के वाहन शामिल हैं। विभिन्न कंपनियां यहां पर इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग प्वाइंट लगाने के लिए सम्पर्क कर रही हैं। लार्ट्स के अध्यक्ष पंकज दीक्षित ने बताया कि प्रदूषण मुक्त क्षेत्र बनाये जाने की संकल्पना नई है। हालांकि बहुत से बड़े शहरों में इस तरह के क्षेत्र बने हुए हैं।

प्रदूषण मुक्त क्षेत्र के फायदे

1. वाहनों का शोर न होने से ध्वनि प्रदूषण घटेगा।
2. वायु प्रदूषण न होने से उस क्षेत्र की हवा साफ-सुथरी होगी।
3. तय क्षमता में इलेक्ट्रिक वाहन चलने से उस क्षेत्र में जाम नहीं लगेगा।
4. लोगों को कम मूल्य में बेहतर सफर की सुविधा मिलेगी। ऐसे में लोग अपने वाहनों का प्रयोग कम करेंगे।
5. वाहनों का दबाव कम होने से सड़कें बेहतर रहेंगी।
6. इस क्षेत्र में अनिवार्य रूप से एक चार्जिंग प्वाइंट होगा जिसका फायदा निजी क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा।
7. इस क्षेत्र में चलने वाले सभी इलेक्ट्रिक वाहनों का ब्योरा पुलिस के पास होगा। इससे यात्रियों के साथ होने वाले अपराध पर लगाम लगाई जा सकेगी।

इसे भी पढ़े- कैसे करें ठंड के मौसम में बारिश के बाद बीमारियों से बचाव, जानें विशेषज्ञों की राय…

संबंधित समाचार