पुलिस का कारनामा : लूट के शिकार डॉक्टर को नशेबाज बता भेजा घर, तरह-तरह की हो रही चर्चा

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अमृत विचार, कानपुर। अक्सर सुर्खियों में बनी रहने वाली कानपुर कमिश्नरेट पुलिस एक बार फिर चर्चा में आई है। यहां जहरखुरानी कर एक डाक्टर को आरोपितों ने जीटी रोड किनारे फेंक दिया। इस दौरान वहां से गुजर रहे सेवानिवृत्त न्यायाधीश और एक छात्र ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची चकेरी पुलिस ने पीड़ित …

अमृत विचार, कानपुर। अक्सर सुर्खियों में बनी रहने वाली कानपुर कमिश्नरेट पुलिस एक बार फिर चर्चा में आई है। यहां जहरखुरानी कर एक डाक्टर को आरोपितों ने जीटी रोड किनारे फेंक दिया। इस दौरान वहां से गुजर रहे सेवानिवृत्त न्यायाधीश और एक छात्र ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची चकेरी पुलिस ने पीड़ित डॉक्टर को नशेबाज बताकर बिना उपचार कराये ही वहां से रवाना कर दिया। इस पर सोशल मीडिया में तरह-तरह की चर्चा में रही है। हालांकि अमृत विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है।

कैंट के डीएमएसआरडीई कालोनी निवासी छात्र प्रथम शर्मा ने बताया कि रविवार देर शाम को वह कोचिंग से घर लौट रहे थे। इस दौरान डीएमएसआरडीई के गेट के पास उन्हें एक युवक सड़क किनारे बेसुध हालत में पड़ा हुआ दिखाई दिया। जिसके शरीर में चोट के निशान भी थे।

पूछने पर उन्होंने अपना नाम लखनऊ के आशियाना निवासी डॉक्टर रविदास बताया। उन्होंने आगे बताया कि वह नौबस्ता स्थित राज हास्पिटल नौकरी ज्वाइन करके घर जा रहे थे। तभी नौबस्ता से झकरकटी बस अड्डे जाने के लिए वह ई-रिक्शा में बैठे थे। जिसमें उनके साथ कुछ अन्य सवारियां भी मौजूद थी।

अचानक कुछ देर बाद वह बेहोश हो गए। जब उन्हें होश आया तो उनकी जेब में रखे छह हजार रुपये व मोबाइल गायब था। जिसके बाद उन्होंने ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश की मौजूदगी में पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद वह वहां से चले गए। थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह बताया कि नशे की हालत में वह रोड किनारे पड़े थे। जो अपने घर चले गए है। उन्हें पुलिस ने नहीं भेजा हैं।

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