बांदा: समस्या हल न हुई तो आंदोलन को विवश होंगे राज्य कर्मचारी
बांदा, अमृत विचार। वैश्विक महामारी कोविड-19 के समय भी राज्य कर्मचारी सरकार के साथ खड़े रहे, जबकि सैकड़ों कर्मचारियों को इसका खामियाजा अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ा। इसके बावजूद उनके भत्तों पर कैंची चलाई गई। अब स्थितियां सामान्य होने पर भी सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही, जिससे कर्मचारी आंदोलन को विवश हो …
बांदा, अमृत विचार। वैश्विक महामारी कोविड-19 के समय भी राज्य कर्मचारी सरकार के साथ खड़े रहे, जबकि सैकड़ों कर्मचारियों को इसका खामियाजा अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ा। इसके बावजूद उनके भत्तों पर कैंची चलाई गई। अब स्थितियां सामान्य होने पर भी सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही, जिससे कर्मचारी आंदोलन को विवश हो रहा है। सोमवार को कर्मचारियों ने धरना देकर जिलाधिकारी के माध्यम से मांग पत्र प्रमुख सचिव को प्रेषित किया और समस्याओं के निदान की मांग की।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्य सचिव को भेजे ज्ञापन में कहा है कि सामान्य हालात हों या फिर दैवीय आपदा अथवा सूखा या महामारी कर्मचारी प्रत्येक दशा में पूरा सहयोग करते हैं। यहां तक तक कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के समय भी वे अपनी जान की परवाह किये बिना सरकार के साथ खड़े रहे। पूरे सूबे में तमाम कर्मचारियों ने अपनी जानें भी गवांई, इसके बावजूद उनके भत्तों और पेंशन पर भी कैंची चलाई गई।
स्थानांतरण के नाम पर भी शोषण किया गया। अब जबकि स्थितियां सामान्य हैं प्रत्येक विभाग में रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के बावजूद शेष बचे कर्मचारियों को रात दिन काम पर लगाकर उनका शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। हालांकि विभागीय पदोन्नतियों में तेजी आई है लेकिन अनेक विभागों में पोषक पदों पर भर्ती न होने से अवरोध उत्पन्न हो रहा है। बात-बात पर निलंबन और बर्खास्तगी की कार्यवाहियां जोर पकड़ रही हैं। कर्मचारियों ने अपनी जायज मांगों को उचित माध्यम से समय रहते अवगत कराया, लेकिन उनकी मांगों को गहराई से जाने बिना या सुने एकतरफा खारिज कर दिया जाता है।
इससे कर्मचारियों में रोष उत्पन्न हो रहा है और कर्मचारी आंदोलन के लिये विवश हो रहे हैं। सोमवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले एकत्र होकर सभी कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से यह मांगपत्र धरना सभा में सर्वसम्मति से पारित किया। साथ ही मुख्य सचिव से आशा की कि कर्मचारियों की इन समस्याओं का निस्तारण जल्द किया जायेगा। इस अवसर पर परिषद के जिलाध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी व जिला मंत्री रामकृष्ण त्रिपाठी समेत दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें:-मुरादाबाद: पुरानी पेंशन बहाली को लेकर उग्र हुए कर्मचारी, आंदोलन की चेतावनी
