रिमांड के दौरान पाठक की कुंडली खोलेगा आरोपी, एसटीएफ ने अजय जैन का लिया 14 दिन का रिमांड

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अमृत विचार लखनऊ। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर (सीएसजेएम) के कुलपति विनय पाठक के कमीशन खोरी के चलाए जा रहे खेल में गिरफ्तार आरोपी अजय जैन को एसटीएफ ने सोमवार को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी जैन को 14 दिन के लिए एसटीएफ कस्टडी में भेजा है। अब रिमांड के दौरान आरोपी से …

अमृत विचार लखनऊ। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर (सीएसजेएम) के कुलपति विनय पाठक के कमीशन खोरी के चलाए जा रहे खेल में गिरफ्तार आरोपी अजय जैन को एसटीएफ ने सोमवार को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी जैन को 14 दिन के लिए एसटीएफ कस्टडी में भेजा है। अब रिमांड के दौरान आरोपी से एसटीएफ एक-एक कर सवालों की झड़ी लगाएगी। जिसका जवाब अजय जैन को देना होगा। रिमांड के दौरान ही पूछताछ में जैन प्रोफेसर विनय पाठक के कुंडली का राज खोलेगा। माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद कई अन्य लोगों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक सकती है।

एसटीएफ डीएसपी अवनिश्वर चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुग्राम निवासी अजय जैन के कंपनी के खाते में कमीशन के 73 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। जिसके बाद आरोपी को पूछताछ के लिए एसटीएफ मुख्यालय बुलाया गया था। पूछताछ के बाज कई अन्य साक्ष्य मिलने पर मुख्यालय से ही उसे गिरफ्तार किया गया था। जिसे 14 दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से इस प्रकरण में पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में मिले साक्ष्यों को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

जांच में जिस भी व्यक्ति की भूमिका सामने आएगी। उस पर भी बनती कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि गुड़गांव निवासी अजय जैन इंटरनेशनल बिजनेस फार्म अलवर राजस्थान के नाम से कंपनी चलाता है। जांच के दौरान अजय जैन को कुलपति विनय पाठक के कमीशन के पैसे मैनेज करने के साक्ष्य मिले थे। जिसे लेकर उसे गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सामने आया था कि आरोपी जैन ने फर्जी तरीके से ई-वे बिल के माध्यम से प्रोफेसर विनय पाठक के रुपयों को मैनेज करता था। जैन की गिरफ्तारी के बाद कई अन्य धाराएं भी केस में जोड़ी गई है।

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