मुरादाबाद : नगर निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले भाजपा के दिग्गजों में दरार
विनोद श्रीवास्तव, अमृत विचार। नगर निगम और नगर निकाय चुनाव में भाजपा अन्य दलों से बढ़त लेने के लिए दिन रात एक कर रही है। पार्टी ने निकाय चुनाव के लिए प्रभारियों को नामित करने के साथ ही कई दौर की बैठकें भी कर ली हैं। मगर तारीखों से पहले ही पार्टी में अंदरखाने की …
विनोद श्रीवास्तव, अमृत विचार। नगर निगम और नगर निकाय चुनाव में भाजपा अन्य दलों से बढ़त लेने के लिए दिन रात एक कर रही है। पार्टी ने निकाय चुनाव के लिए प्रभारियों को नामित करने के साथ ही कई दौर की बैठकें भी कर ली हैं। मगर तारीखों से पहले ही पार्टी में अंदरखाने की उठापटक दिख रही है। स्थानीय दिग्गजों में ही दरार और मनभेद पार्टी के विजय रथ के आड़े न आ जाए।
अवसर था सोमवार को अटल घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बने अटल घाट और उनकी 20 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा के लोकार्पण का। आयोजन भले ही नगर निगम ने किया पर सब कुछ महापौर विनोद अग्रवाल के मार्गदर्शन में। अनावरण पट्ट पर गरिमामयी उपस्थिति की फेहरिस्त में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, गोपाल अंजान और नगर विधायक रितेश गुप्ता का नाम था। आखिर तक न यह आए और न इनके खेमे के अन्य चेहरे। इसके पीछे महापौर पद की दावेदारी को लेकर अंदरखाने खिंची तलवार बताई जा रही है।

कई नेता अब एक ही परिवार को अवसर की जगह बदलाव चाहते हैं। इसकी झलक प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार आने पर पंचायत भवन में अपने अभिनंदन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष ने खुद यह कहकर दे दी था कि भाजपा परिवारवाद की पार्टी नहीं है। लेकिन, उन्होंने एक बात और कहकर कुछ अन्य बड़े चेहरों को भी मायूसी दी थी कि एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत का पालन होगा।
महापौर और पार्षद के पद का आरक्षण भले ही अभी सरकार ने जारी नहीं किया है लेकिन, इसको अपने समीकरणों के हिसाब से सेटिंग कराने में दिग्गज लगे हैं। माना जा रहा है कि यदि इस बार यह सीट महिला सामान्य रही तो महापौर अपने परिवार की किसी महिला सदस्य को उतार सकते हैं तो वहीं नगर विधायक के खेमे से भी दावेदारी की चर्चाएं हैं। इस बार महापौर की सीट कोई पिछड़ी जाति के लिए तो कोई सामान्य महिला होने का अंदेशा जता रहा है लेकिन, असल गुल किस खेमे के पक्ष में खिलेगा यह तो आधिकारिक घोषणा होने पर ही पता चलेगा। मगर घाट के लोकार्पण में कई बड़े नाम के नदारद होने पर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
जिसके पास कमल निशान, वही हमारा पहलवान
नगर निकाय चुनाव के प्रभारी व आगरा के विधायक पुरुषोत्तम अग्रवाल कहते हैं कि इच्छा रखना गलत हैं। सबको अपनी बेहतरी की सोच रखने का हक है। भाजपा सिद्धांतों व नीतियों की पार्टी है। यहां न तो परिवारवाद है और न भाई-भतीजावाद। किसी परिवार के कई सदस्यों का एक ही दल में राजनीति करना भी गलत नहीं माना जाना चाहिए। यह तो निष्ठा का सवाल है। वह कहते हैं कि जहां तक टिकट पाने और सीट के आरक्षण का सवाल है पार्टी इसके फेर में नहीं पड़ती। यहां कार्यकर्ताओं को जीत का एक ही मंत्र दिया गया है जिसके पास कमल निशान-वही हमारा पहलवान। भाजपा बनाम भाजपा की लड़ाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है।
ये भी पढ़ें : मुरादाबाद: मां ने कौड़ियों के भाव बेच दी बेटी की अनमोल आबरू
