बरेली: चंद्रग्रहण के बाद मंदिरों के खुले कपाट, गूंजी शंखध्वनि
बरेली, अमृत विचार। मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगा। सुबह से ही ग्रहण का सूतक लगने के कारण सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। ग्रहण के बाद मोक्षकाल में शाम को मंदिर खुलने पर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। यह भी पढ़ें- बरेली: नकली बीजों …
बरेली, अमृत विचार। मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगा। सुबह से ही ग्रहण का सूतक लगने के कारण सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। ग्रहण के बाद मोक्षकाल में शाम को मंदिर खुलने पर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की।
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सूतक से पहले पुजारियों की ओर से मंदिरों में अभिषेक, पूजा-अर्चना कर बाल भोग लगाया गया। शाम को ग्रहण का सूतक खत्म होने के बाद मंदिरों के शुद्धीकरण के बाद पूजा-अर्चना की गई। सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर के पुजारियों के अनुसार कई सालों बाद ऐसा हुआ है कि गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगा है।
चंद्र ग्रहण लगने से पहले सूतक लगा। जिसके बाद मंदिर के पुजारियों की ओर से मंदिर परिसर को गंगाजल से धोकर शुद्धीकरण किया गया। हनुमान जी के दर्शन के साथ ही श्रद्धालुओं ने जय श्री राम के जयकारे लगाए। वहीं, लोगों ने घरों को पानी से धोकर शुद्धीकरण किया।
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