पश्चिमी नेपाल में 6.6 की तीव्रता का भूकंप, कम से कम छह लोगों की मौत, भारत में भी कांपी धरती
काठमांडू/नई दिल्ली। पश्चिमी नेपाल में मंगलवार देर रात आए 6.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र के अनुसार, नेपाल में देर रात दो बजकर 12 मिनट पर 6.6 तीव्रता …
काठमांडू/नई दिल्ली। पश्चिमी नेपाल में मंगलवार देर रात आए 6.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र के अनुसार, नेपाल में देर रात दो बजकर 12 मिनट पर 6.6 तीव्रता का भूकंप आया जिसका केंद्र डोटी जिले में था। डोटी जिले के पुलिस उपाधीक्षक भोला भट्टा ने बताया कि भूकंप के दौरान कई मकान क्षतिग्रस्त हुए और उसके मलबे में दबने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई।
भूकंप संबंधी घटनाओं में पांच अन्य लोग घायल भी हुए हैं। इससे पहले पश्चिमी नेपाल में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। मंगलवार रात नौ बजकर सात मिनट पर 5.7 तीव्रता का भूकंप आया और इसके कुछ देर बाद रात नौ बजकर 56 मिनट पर 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के झटके उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और गुरुग्राम और गाजियाबाद सहित पूरे उत्तर भारत में महसूस किए गए। नेपाल में अप्रैल 2015 में 7.8 की तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में करीब नौ हजार लोग मारे गए थे और करीब 22 हजार अन्य लोग घायल हुए थे। इसमें आठ लाख से अधिक मकान, स्कूल व अन्य इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं थी।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, रात 2 बजे आए भूकंप से दोती जिले में एक घर गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। 5 घायल हो गए। नेपाल सेना को भूकंप प्रभावित इलाकों में तलाशी और बचाव अभियान के लिए भेजा गया है।
सुदूरपश्चिमको खप्तड क्षेत्र केन्द्रविन्दु बनाई गएको भूकम्पमा परि मृत्यु हुनेहरुप्रति हार्दिक श्रदाञ्जली व्यक्त गर्दै परिवारजनमा समवेदना प्रकट गर्दछु । साथै प्रभावित क्षेत्रमा राहत र उद्दारमा खटिन र घाईतेहरुको तत्काल उचित उपचारको प्रबन्ध गर्न सम्बन्धित निकायलाई निर्देशन दिएको छु।
— Sher Bahadur Deuba (@SherBDeuba) November 9, 2022
नेपाल PM शेर बहादुर देउबा ने भूकंप में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मैंने संबंधित एजेंसियों को पीड़ितों की मदद करने का निर्देश दिया है।
उत्तराखंड में मंगलवार देर रात को भूकंप के तेज झटके महसूस किये गए। रिएक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.3 रही। उत्तराखंड में इससे लोगों में दहशत पैदा हो गयी। कुमाऊँ में फिलहाल जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। भूकंप के झटके ठीक 1.57 मिनट पर महसूस किये गये। लोग उस समय गहरी नींद में थे। यकायक धरती में तेज कंपन हुआ। कुछ सेकंड के लिए भूमि हिली। लोग खूले स्थानों के लिए भागे। भूंकप का केन्द्र भारत-नेपाल सीमा बताया जा रहा है। साथ ही इसकी गहराई सतह से दस किमी नीचे रही।
वहीँ, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, आज 9 नवंबर सुबह करीब 6.27 बजे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप की गहराई जमीन से 5 किमी नीचे थी।
Earthquake of Magnitude:4.3, Occurred on 09-11-2022, 06:27:13 IST, Lat: 29.87 & Long: 80.49, Depth: 5 Km ,Location:Pithoragarh, Uttarakhand, India for more information download the BhooKamp App https://t.co/sqJqVcicEU @Indiametdept @ndmaindia @moesgoi @Dr_Mishra1966 @PMOIndia pic.twitter.com/4OnA0HmHDJ
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) November 9, 2022
भूकंप का केंद्र नेपाल सीमा पर होने के चलते चीन, नेपाल व भारत में इसका असर देखने को मिला। उत्तराखंड के नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर जनपदों में फिलहाल कोई नुकसान की सूचना नहीं है। इन जनपदों में आपदा प्रबंधन केन्द्र सक्रिय हो गए हैं। फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
भारत में असर
भारत के 5 राज्यों यूपी, बिहार, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड की धरती में कंपन हुआ। दिल्ली-NCR में भूकंप आने के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। जो काफी देर तक वापस नहीं गए। जब भूकंप आया तब लोग गहरी नींद में थे, लेकिन झटकों के लगने से उनकी नींद खुल गई। कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी शेयर किए हैं। भूकंप आने के बाद #earthquake ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा। आधे घंटे में करीब 20 हजार ट्वीट किए गए। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सवारी लेकर जा रहे ऑटो चालक ने बताया- भूकंप के झटके महसूस होने पर सवारी ऑटो से उतर गई। हमने कुछ सेकंड तक झटके महसूस किए। आज सुबह करीब 6.27 बजे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भी 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप की गहराई जमीन से 5 किमी नीचे थी।
pov there was a massive earthquake and they didn't let the girls out of the hostels so all the boys are screaming in disappointment ?#earthquake #delhi pic.twitter.com/7IjNagppAT
— vipin in a sunlit room? (@coneyisland4eva) November 8, 2022
Big tremors felt in Delhi. That was scary. That's too much when you r watching horror movie. #Delhi_earthquake
#earthquake pic.twitter.com/LvHUASBofm— Gaurav Kapoor (@Gauravk12498321) November 8, 2022
2015 में भूकंप से आई थी नेपाल में तबाही
नेपाल भूकंप 25 अप्रैल 2015 को सुबह 11 बजकर 56 मिनट पर नेपाल में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था। इस विनाशकारी भूकंप में 9,000 से ज्यादा लोग मारे गए और 23,000 से ज्यादा घायल हुए। इसका केंद्र नेपाल से 38 किलोमीटर दूर लामजुंग में था। नेपाल में 81 साल में ऐसा जबरदस्त भूकंप आया था। इससे पहले 1934 में नेपाल और उत्तरी बिहार में 8.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 10,600 जानें गई थीं।
क्यों आता है भूकंप?
भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप की असली वजह टेक्टोनिकल प्लेटों में तेज हलचल होती है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। इस स्केल पर 2.0 या 3.0 की तीव्रता का भूकंप हल्का होता है, जबकि 6 की तीव्रता का मतलब शक्तिशाली भूकंप होता है।
ऐसे लगाते हैं भूकंप की तीव्रता का अंदाजा
भूकंप की तीव्रता का अंदाजा उसके केंद्र (एपिसेंटर) से निकलने वाली ऊर्जा की तरंगों से लगाया जाता है। सैकड़ों किलोमीटर तक फैली इस लहर से कंपन होता है। धरती में दरारें तक पड़ जाती हैं। भूकंप का केंद्र कम गहराई पर हो तो इससे बाहर निकलने वाली ऊर्जा सतह के काफी करीब होती है, जिससे बड़ी तबाही होती है।
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