बरेली: 2017 के चुनाव की फाइलें गुम, निगम के 80 वार्डों का आरक्षण तय नहीं

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बरेली, अमृत विचार। निकाय चुनाव का शोर गली-गली मचा है। सोशल मीडिया पर नगर निगम बरेली के 80 वार्डों के आरक्षण तय होने की फर्जी सूची भी वायरल हो रही है, इससे राजनैतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं। वहीं, नगर निगम के जिम्मेदार अभी तक वार्डों का आरक्षण ही तय नहीं कर सके …

बरेली, अमृत विचार। निकाय चुनाव का शोर गली-गली मचा है। सोशल मीडिया पर नगर निगम बरेली के 80 वार्डों के आरक्षण तय होने की फर्जी सूची भी वायरल हो रही है, इससे राजनैतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं। वहीं, नगर निगम के जिम्मेदार अभी तक वार्डों का आरक्षण ही तय नहीं कर सके हैं। जबकि जिले की चार नगर पालिकाओं के साथ 15 नगर पंचायतों के वार्डों के आरक्षण की सूची शासन को भेजी जा चुकी है।

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नगर निगम के अधिकारियों की लेटलतीफी से आरक्षण तय होने के साथ घोषित होने में भी ढिलाई हो सकती है। नगर निगम में 2017 के चुनाव की फाइलें नहीं मिल रही हैं। 2017 में चुनाव कराने वाला क्लर्क सेवानिवृत्त हो गया। कार्यरत क्लर्क को चुनाव की फाइलें आधी-अधूरी मिली हैं। इस वजह से अभी तक वार्डों का आरक्षण तय नहीं हुआ है।

दो दिन से असमंजस की स्थिति बनी है कि पुरानी फाइलें बिना मिले कैसे आरक्षण तय किया जाए। जिला प्रशासन से निगम के अधिकारियों पर आरक्षण तय कर सूची जल्द भेजने काे लेकर बार-बार कहा गया तो यह बात सामने आई कि निगम में 2017 के चुनाव की फाइलें नहीं मिल रही हैं।

इस पर कलेक्ट्रेट के कर्मचारी निगम के जिम्मेदारों से मिले और कलेक्ट्रेट के रिकार्ड से निकाय चुनाव से संबंधित दस्तावेज भी साथ ले गए। उसकी फोटो स्टेट निगम को दी गई। तब आरक्षण पर कार्य शुरू होने की बात सामने आई। कलेक्ट्रेट में वार्डों के आरक्षण की सूचना शासन को भेजने वाले जिम्मेदारों का कहना है कि नगर निगम से आरक्षण की सूची बुधवार की शाम तक आनी थी लेकिन सूची नहीं आई। निगम से सूचना आने पर जिलाधिकारी का कवरिंग लेटर लगाकर निगम के वार्डों के आरक्षण की सूची शासन को भेजी जाएगी।

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