Rama University के दीक्षांत समारोह में पहुंची राज्यपाल Anandiben Patel, बोलीं- माताएं कर रहीं कर्म, ज्ञान, भक्ति योग

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। आज के समय ज्ञान योग, भक्ति योग और कर्म योग की जरूरत है। मां घर में कर्म योग तो करती है। वह सोचती हैं, मेरे बच्चे कमजोर हैं। बड़ा बेटा है, पति है, ससुर है। उनका प्रयास रहता है की खाना स्वादिष्ट बने, सेहतमंद रहे। यह भक्ति योग है। होटल का कुक भी खाना बनाता है, लेकिन वह सिर्फ कर्म योग करता है।

यह बात राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कही। वह शुक्रवार को रामा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहीं थी। उन्होंने कहा कि मां घर मे खाना बनाती है कि उनको पता होता है की उसमें चावल, मिर्च, तेल, मसाला कितना डालना है। यह ज्ञान योग है। इंजीनियरों को भी ज्ञान, भक्ति, कर्म योग करना होगा। स्कूल का टायलेट, अस्पताल, सड़को का निर्माण, पुल इसका उदाहरण हो सकता है।

इसकी कमी से सड़कों पर जगह जगह खुदाई हो रही है।  कभी पाइप लाइन, कभी तार डालने के लिए सड़क खोद दी जाती है। मेरी दृष्टि से गोल्ड मेडल और रजत पदक एक ही हैं। कोई एक नंबर से पीछे राह गया तो कोई दो नंबर ज्यादा पा गया। इसलिए चिंता करने की बात नहीं है। जब हमारे देश की बेटी का नाम होता है, तो पूरे देश की बेटियों का सम्मान होता है।

माता का सम्मान सबसे बड़ा सम्मान है। मां के मन मे बच्चों के लिए होता है कि मैं भले ही गरीबी में पढ़ी हूं, लेकिन मेरी बेटी या बेटा बड़ा आदमी बन जाए। माता पिता को मत भूलिए, उन्होंने संघर्षो से आपको आगे बढ़ाया है। बेटा बेटी भले ही पढ़कर विदेश चला जाए, लेकिन माता पिता देश मे रहकर खुश रहते हैं। महाभारत में अर्जुन ने जब धनुष रख दिया, तो भगवान अर्जुन ने गीता का उपदेश दिया। कहा कि यह धर्म का युद्ध है।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को बेस्ट प्रैक्टिस करना होगा। नैक में यह नियम है। गांव गोद लेना चाहिये। आंगनवाडी में जाएं, वहां सुविधाएं दें। कई विश्वविद्यालय यह कार्य नहीं कर रही हैं। प्रधानमंत्री स्वच्छता के लिए इतना कार्य कर रहें हैं। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं गांव जाएं। ग्राम प्रधानों को जागरूक करें। नल से जल कार्यक्रम चल रहा है।

पानी को लेकर लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। यूनिवर्सिटी को जल संचयन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सोलर पावर का इस्तेमाल करना होगा। नैक की ग्रेडिंग में इसको जोड़ा जाता है। छात्र छात्राएं ऐसा कार्य करे, जिससे देश विश्व गुरु बन सके।

 

वहीं विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि अपॉइंटिंग ऑथोरिटी की ओर हमेशा लॉयल रहना होगा। मैं अपनी पार्टी, जनता, क्षेत्र, प्रदेश के प्रति लॉयल हूं। छात्र-छात्राएं अपने प्रोफेशन के प्रति लॉयल होना होगा। यह लॉयलिटी माता-पिता, संस्थान और समाज है। हमें समाज के लिए कुछ न कुछ करना होगा। उनके कार्यों से शहर का नाम रोशन हो सकेगा।

उन्होंने छात्रों को बधाई और शुभकामनाएं दी। कहा कि आप लोगों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।  रामा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सूरज कुशवाहा, कुलपति डॉ. जनार्धन अमरनाथ , निदेशक डॉ. प्रणव सिंह, रामा कुशवाहा, डॉ. अनु कुशवाहा आदि मौजूद रहीं।

 

कई नदियों का पानी मटके में डाला 

राज्यपाल ने स्टेज पर सिंधू, नर्मदा, कावेरी,  गंगा आदि नदियों का पानी मटके में डाला। नदियों की शुद्धता, शुचिता, निर्मला का आह्वान किया।

 

छात्र-छात्रों को शिक्षण सामग्री और खिलौने दिए 

राज्यपाल ने शिवराजपुर ब्लॉक के सकरेज गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को शिक्षण सामग्री दी। उन्हें आगे बढ़ने, सफलता को छूने के लिए प्रेरित किया।

 

133 को गोल्ड, 102 को सिल्वर 

कॉन्वोकेशन में 3222 छात्रों को उपाधि प्रदान की गई। इसमें बीटेक, एमटेक, बीबीए, एमबीए, एमबीबीएस, एलएलबी, एलएलएम, पीएचडी समेत अन्य स्नातक, परास्नातक छात्र और शोधार्थी शामिल हैं। समारोह में 133 मेधावियों को स्वर्ण और 102 को रजत पदक मिला।

 

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया 

राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। उन्हें जरूरत का सामान भी दिया गया है।

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