शाहजहांपुर: ‘विधायक जी… क्या आप निगोही में बिकरूकांड करवा दोगे’
शाहजहांपुर,अमृत विचार। मोबाइल चोरी के शक में निगोही पुलिस ने तीन युवकों की बड़ी बेरहमी के साथ पिटाई की। जब भाजपा विधायक रोशनलाल ने चोटों के निशान देखे तो उनका भी गुस्सा भड़क गया और तीनों को लेकर एसपी से मिलने उनके कार्यालय पहुंच गए। यहां एसपी की अनुपस्थिति में एएसपी सिटी से बात हुई तो …
शाहजहांपुर,अमृत विचार। मोबाइल चोरी के शक में निगोही पुलिस ने तीन युवकों की बड़ी बेरहमी के साथ पिटाई की। जब भाजपा विधायक रोशनलाल ने चोटों के निशान देखे तो उनका भी गुस्सा भड़क गया और तीनों को लेकर एसपी से मिलने उनके कार्यालय पहुंच गए। यहां एसपी की अनुपस्थिति में एएसपी सिटी से बात हुई तो उनका पारा और भी हाई हो गया।
विधायक का चीख-चीखकर एक ही कहना था कि मुख्यमंत्री ने दोषियों को जेल भेजने की बात कही है या निर्दोषों को। निगोही पुलिस निर्दोषों को जेल भेजने पर अमादा है। निगोही विधायक का पारा इसलिए और हाई हो गया क्योंकि एएसपी ने कह दिया कि विधायक जी क्या आप निगोही में बिकरूकांड करवा दोगे।
थाना निगोही क्षेत्र के गांव मोहरतला निवासी अशोक, मनोज, सत्यवीर को पुलिस ने गांव के विश्राम सिंह के मोबाइल चोरी के शक में बुधवार रात दबिश देकर घर से पकड़ लिया। आरोप है कि पुलिस ने पूरी रात तीनों को बुरी तरह से टार्चर किया। पटे से कमर के नीचे पीछे की ओर इतना पीटा कि शरीर लाल हो गया। जबकि पकड़े गए लोग पुलिस के सामने एक ही गुहार लगाते रहे कि उन्होंने कोई मोबाइल चोरी नहीं किया है।
इधर पकड़े गए लोगों के परिवार वालों ने तिलहर विधायक रोशनलाल वर्मा से गुहार लगाई। विधायक के कहने पर बमुश्किल पुलिस ने आरोपियों को छोड़ा। चोरी के शक में बुरी तरह से पिटाई किए जाने वालों के चोटों के निशान जब विधायक ने देखे तो उनका भी पारा हाई हो गया। वह पुलिस पिटाई से पीड़ित लोगों को मिलवाने के लिए एसपी कार्यालय पहुंच गए। यहां एसपी मौजूद नहीं थे। इस पर विधायक ने एएसपी सिटी संजय कुमार से मामले में पीड़ित का पक्ष रखते हुए पुलिस की ज्यादती की शिकायत की।
विधायक का कहना था कि पुलिस पिटाई से पीड़ित लोगों का मेडिकल कराया जाए और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर एएसपी ने उनकी बात को नकार दिया।
आरोप है कि एएसपी सिटी ने कह दिया कि विधायक जी आप क्या बिकरूकांड करवा देंगे। बस यहीं से विधायक का गुस्सा भड़क गया और वह एसपी कार्यालय से बाहर निकलकर बिफर पड़े के पुलिस निगोही में बिकरूकांड बनाने पर जुट गई है। निर्दोष को जेल भेजने पर अमादा दिखी है। इस बात की वह मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे, कि निर्दोषों को जेल भेजा जाएगा या फिर दोषियों पर कार्रवाई होगी।
उनका यह गुस्सा देख पुलिस भी सकते में आ गई। सीओ सिटी प्रवीण कुमार और सीओ ब्रहृम कुमार सिंह चुपचाप विधायक के गुस्से को देखते रहे। उस वक्त एसपी कार्यालय में एडीएम रामसेवक द्विवेदी भी मौजूद थे, उन्होंने विधायक को बमुश्किल शांत किया और उन्हें दोबारा एसपी कार्यालय के अंदर ले गए, जहां एएसपी सिटी से उनकी बात कराई।
तब फिर क्या ऐसे सुधरेगी पुलिस की छवि
समाज की सुरक्षा का दायित्व पुलिस पर है लेकिन जब यही पुलिस बिना किसी जांच पड़ताल के समाज के लोगों पर मनमाने तरीके से कार्रवाई करने लगे, तो भला क्या पुलिस की छवि में सुधार आ पाएगा। निगोही पुलिस की पिटाई से चोटिल लोगों का हाल एसपी कार्यालय में हर कोई देख रहा था। चोटों के निशान देखकर हर कोई पुलिस को कोस रहा था।
“विधायक की कुछ समस्याएं थीं, दो-तीन काम थे, वह नहीं हो रहे हैं, उनसे बात की गई और उनकी जो समस्याएं थीं वह दूर कर दी गईं। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया था, किसी को पीटा नहीं गया। विधायक से बात हो गई है। अब ऐसी कोई बात नहीं है।” -संजय कुमार, एएसपी सिटी
