अयोध्या: रोजी-रोटी व उचित मुआवजे के लिए सीएम दरबार में जाएंगे व्यापारी

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर दर्शन सुलभ बनाने के लिए रामनगरी में बन रहे विभिन्न पथों भक्ति, राम व आस्था पथ से प्रभावित दुकानदार अपनी फरियाद लेकर 17 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी के दरबार में जाएंगे। उत्पीड़न बंद न होने पर व्यापारियों ने अनिश्चिकालीन बंदी कर कारोबार ठप करने और आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। 

रविवार को मीडिया से मुखातिब उद्योग व्यापार मंडल के नंद कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन मानक के विपरीत जमीनों का अधिग्रहण कर रहा है। साथ ही पुराने सर्किल रेट पर मुआवजा दिया जा रहा है। राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जमीनों का बाजार रेट कई गुना बढ़ गया है लेकिन प्रशासन ने बीते छह वर्षों से सर्किल रेट नहीं बढ़ाया। तीनों परियोजनाओं को लेकर शुरुआती बैठकों में जिला प्रशासन की ओर से व्यापारियों के हित में कई आश्वासन दिए गए थे लेकिन उन वादों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। दुकानों और मकानों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। कई पीढ़ियों से कारोबार कर रहे अधिग्रहण के दायरे में प्रभावित दुकानदारों की बात नहीं सुनी जा रही हैं। 

उन्होंने कहा कि रामगुलेला क्षेत्र के प्रभावित दुकानदार 17 नवंबर को लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। व्यापारियों को अब केवल सीएम से ही न्याय की उम्मीद है। आरोप लगाया कि सहादतगंज से नयाघाट तक बनने वाले रामपथ की चौड़ाई एक बार फिर बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने मुनादी करवा 24 मीटर क्षेत्र में कब्जा हटाने की चेतावनी दी है। जबकि अयोध्या क्षेत्र में सड़क को 20 मीटर चौड़ा करने की सहमति बनी थी। व्यापारियों का उत्पीड़न तथा आगामी रणनीति तय करने के लिए शाम को बैठक बुलाई गई है।

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