संभल: डेंगू पीड़ित मासूम सहित युवक की मौत, मचा कोहराम
मासूम के बड़े भाई ने भी शनिवार को तोड़ दिथा था दम
संभल, अमृत विचार। जिले में सोमवार को डेंगू पीड़ित एक मासूम और युवक की मौत हो गई। शनिवार को मासूम के बड़े भाई ने भी दम तोड़ दिया था। मासूम दोनों भाइयों को पांच दिन पहले बुखार आया था। दो बेटों की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वहीं युवक के परिजनों ने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी से शिकायत भी की है।
सोमवार सुबह बिलालपत गांव निवासी राशिद के पांच वर्षीय बेटे को शव अस्पताल से घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। राशिद ने बताया कि उसके दोनों बेटे गांव के एक निजी स्कूल पढ़ रहे थे। आठ नवंबर को राशिद के बड़े बेटे साहिल को बुखार आया थ। उसका गांव में ही झोलाछाप से उपचार कराया था।
लेकिन कुछ आराम नहीं हुआ तो असमोली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दिखाया, जहां चिकित्सकों ने डेंगू आशंकित बताते हुए उसे मुरादाबाद रेफर कर दिया था। इसके बाद 10 नवंबर को चौधरपुर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और कराई जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। वहां भी आराम नहीं हुआ तो 11 नवंबर को मुरादाबाद के एक और निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया था, जहां 12 नवंबर को साहिल की अस्पताल में ही मौत हो गई थी।
बड़े बेटे साहिल को दफना कर लौटे थे तभी तो पांच वर्षी आहिल की तबीयत बिगड़ गई। जिसे मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, आहिल को भी डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद उसका उपचार चल रहा था। आहिल ने भी उपचार के दौरान सोमवार सुबह दम तोड़ दिया।
वहीं गुन्नौर तहसील के गावं कल्हा निवासी निलेश (32) पुत्र साहब सिंह को पांच दिन पहले बुखार आ गया था। उसने गांव में झोलाछाप से दवा ली, लेकिन कोई फायदा नहीं होने पर परिजन उसे उपचार के लिए धनारी में स्थित एक झोलाछाप के पास लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप ने युवक को ठीक करने का भरोसा देकर अस्पताल में भर्ती कर लिया था। उपचार के बाद भी उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ।
जिससे परिजन झोलाछाप से उसे बार बार रेफर करने की बात कर रहे थे। परिजनों का कहना है कि झोलाछाप ठीक करने का दावा करता रहा। रविवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर झोलाछाप ने उसे आनन फानन रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने देखते ही युवक को मृत घोषित कर दिया।
सोमवार को परिजनों ने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाया और गुन्नौर के नोडल अधिकारी मनमोहन सिंह को तहरीर दी। नोडल अधिकारी ने बताया कि मृतक के पिता की ओर से तहरीर मिली है। जिसमें झोलाछाप पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। अस्पताल की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
डेंगू और बुखार बेकाबू, स्वास्थ्य विभाग विफल
कैला देवी। सौंधन व आसपास गांवों में लगातार डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के दावे फेल हो रहे हैं। विभाग के रिकॉर्ड में अभी तक डेंगू से मरने वाले एक व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं है।
लोग बुखार के साथ बदन दर्द की समस्या से करहा रहे हैं। सौंधन गांव निवासी गीता व बाबू डेंगू पीड़ित है, जिनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। वहीं सिंहावली गांव में बीते कई दिनों से एक महिला को भी बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया है। जिन्हें संभल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। और उन्हें भी डेंगू की पुष्टि भी हो गई है।
अन्य संक्रामक बीमारियां भी तेजी से फैल रही हैं। इलाज कराने के बाद हुई लगातार बुखार में कोई भी सुधार मरीजों को नहीं दिख रहा है। थोड़ा सा बुखार आते ही हाथ पैरों में दर्द होना तथा जांच के बाद प्लेटलेट्स की मात्रा काफी संख्या में निम्न स्तर पर आ जाना आम बात होती जा रही है। एक दो दिन में ही तेज बुखार के साथ दर्द की समस्या होते ही लोगों को डेंगू के लक्षण और फिर चिकित्सक द्वारा इसकी पुष्टि हुई कर दी जाती है।
लेकिन स्वास्थ्य विभाग का सरकारी महकमा इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। गांवों के बीच में लोग अपना कूड़ा करकट एकत्रित कर लेते हैं तथा धीरे-धीरे उन्हीं से संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका रहती है। जिसके चलते आए दिन डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं।
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