संभल: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 17 वर्ष का कारावास
30,000 रुपये का लगाया जुर्माना, विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने सुनाई सजा
संभल/चन्दौसी, अमृत विचार। नाबालिग से दुष्कर्म के चार वर्ष पुराने मामले में सोमवार को अदालत ने दोषी ग्रामीण को 17 साल का कठोर कारावास सुनाया है। साथ ही दोषी को 30,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
थाना गुन्नौर के एक गांव निवासी ग्रामीण ने 24 मई 2018 को रिपोर्ट साली को बहला फुसलाकर भगा ले जाने तथा दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ग्रामीण के अनुसार, उसकी सास व नाबालिग साली दो वर्ष से उसके पास ही रह रही थीं। अप्रैल 2018 में साली परिजनों के साथ पूर्णागिरि देवी के दर्शन करने गई थी। 26 अप्रैल 2018 को दर्शन कर लौटते समय कस्बा बबराला में बाजार से उसकी साली अचानक गायब हो गई। ग्रामीण का आरोप था कि उसको दूर का रिश्तेदार मुकेश कुमार व उसका साथी बहला फुसलाकर भगा ले गया।
ग्रामीण ने उसको काफी दिन तक तलाश किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तब उसने 24 मई 2018 को थाना गुन्नौर में रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान आरोपी का साथी निर्दोष पाया गया। पुलिस ने विवेचना के दौरान उसका नाम मुकदमे से हटा दिया। पुलिस ने बाद में साली को आरोपी के साथ बरामद कर लिया। मामले की सुनवाई यहां जिला न्यायालय में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अशोक कुमार यादव की अदालत में हुई।
पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र यादव ने पैरवी की। न्यायाधीश दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद व साक्ष्य के आधार पर थाना सिकंदराऊ जनपद हाथरस के एक गांव निवासी मुकेश कुमार को 17 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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