बाली में G20 शिखर सम्मलेन:  PM Modi बोले- यूक्रेन में युद्धविराम और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का रास्ता खोजना होगा

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Edited By Amrit Vichar
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन में कहा कि आज विश्व को जी-20 से अधिक अपेक्षाएं हैं। हमारे समूह की प्रासंगिकता बढ़ गई है।

बाली (इंडोनेशिया)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन में कहा कि आज विश्व को जी-20 से अधिक अपेक्षाएं हैं। हमारे समूह की प्रासंगिकता बढ़ गई है। मैंने हमेशा कहा है कि हमें यूक्रेन में युद्धविराम और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का रास्ता खोजना होगा। पिछली सदी में WWII ने दुनिया में कहर बरपाया था जिसके बाद उस समय के नेताओं ने शांति का रास्ता अपनाने का गंभीर प्रयास किया। अब हमारी बारी है। आज की खाद की कमी कल का खाद्य संकट है, जिसका समाधान दुनिया के पास नहीं होगा। हमें खाद और खाद्यान्न दोनों की आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर और सुनिश्चित बनाए रखने के लिए आपसी समझौता करना चाहिए। वैश्विक विकास के लिए भारत की ऊर्जा-सुरक्षा अहम है, क्योंकि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन में कहा कि हमें ऊर्जा की आपूर्ति पर किसी भी प्रतिबंध को बढ़ावा नहीं देना चाहिए और ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित की जानी चाहिए। 2030 तक हमारी आधी बिजली नवीकरणीय ऊर्जा से पैदा होगी। समावेशी ऊर्जा परिवर्तन के लिए विकासशील देशों को समयबद्ध और किफायती वित्त और प्रौद्योगिकी की सतत आपूर्ति आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन, कोविड-19 वैश्विक महामारी और यूक्रेन का जिक्र करते हुए वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण वातावरण के बीच जी20 के नेतृत्व के लिए इंडोनेशिया की तारीफ की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन में कहा कि वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं चरमरा गई हैं, पूरी दुनिया में आवश्यक वस्तुओं का संकट है। हर देश के गरीब नागरिकों के लिए चुनौतियां अधिक हैं। उनके लिए रोजमर्रा की जिंदगी पहले से ही एक संघर्ष थी। हमें यह स्वीकार करने में संकोच नहीं करना चाहिए कि संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय संस्थान वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में असफल रहे हैं। 



पीएम मोदी ने कहा कि आज सुबह G20 शिखर सम्मेलन में खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर बात की। हमारे नागरिकों के लिए खाद्य सुरक्षा को आगे बढ़ाने के लिए भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला। साथ ही खाद्य और उर्वरकों के लिए पर्याप्त आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने की आवश्यकता के बारे में भी बताया।

यूस स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता जेड तरार ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और मोदी जी के बीच एक दोस्ती है। ये आप तस्वीरों में देख सकते हैं। हर देश अपनी रणनीति के अनुसार चलता है, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम रूस पर दबाव बना रहे हैं अपने दोस्तों पर नहीं। G20 का मकसद यही है कि हमें एक प्लान बनाना है कि हमें तरक्की और निवेश कैसे करना है और बड़े-बड़े जो वैश्विक मुद्दे हैं उसका हल कैसे ढूंढना है। उम्मीद यही है कि हम जलवायु परिवर्तन पर प्लान बनाएंगे और हमें आर्थिक विकास पर चर्चा करना है।

इंडोनेशिया जी20 समूह का वर्तमान अध्यक्ष है। भारत एक दिसंबर से औपचारिक रूप से जी20 की अध्यक्षता संभालेगा। इंडोनेशिया ने करीब एक साल पहले जी20 की अध्यक्षता संभालते हुए ‘‘एक साथ उभरें, मजबूती से उभरें का नारा दिया था, जो उस समय कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रकोप की मार झेल रही दुनिया के लिए एकदम उपयुक्त था। हालांकि, आज यह नारा थोड़ा कम प्रासंगिक प्रतीत हो रहा है। खासकर तब, जब रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद विश्व आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और खाद्य एवं ऊर्जा स्रोतों की कमी का संकट मंडरा रहा है। यह शिखर सम्मेलन 15-16 नवंबर को आयोजित हो रहा है। 

जी20 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति विडोडो, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। हालांकि, प्रधानमंत्री चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात करेंगे या नहीं, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है। अगर दोनों नेताओं के बीच मुलाकात होती है तो जून 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय मुलाकात होगी।

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ अलग से मुलाकात का भी कोई जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के उनके साथ द्विपक्षीय बैठक करने की संभावना है। जी-20 में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं। जी20 वैश्विक आर्थिक सहयोग का एक प्रभावशाली संगठन है। यह वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। 

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