लखनऊ: पारा न गिरने से गड़बड़ाया व्यापारियों का गणित, अब तक ठंडा पड़ा है रूम हीटर
अमृत विचार संवाददाता, लखनऊ। राजधानी में पारा न गिरने से व्यापारियों का गणित उलझ गया है। व्यापारियों को उम्मीद थी कि नवम्बर की शुरुआत के साथ ही बाजारों में रूम हीटर, ऑयल फील्ड रेडियेटर, हीट कन्वेक्टर और इमर्सन रॉड की मांग होने लगेगी। लेकिन पारा न गिरने के कारण अभी तक ग्राहकों ने इन चीजों से दूरी बना रखी है।
व्यापारियों ने बताया कि दिन में अभी गर्म हो रही है, सिर्फ रात में ही ठंड का अहसास हो रहा है। जब तक कड़ाके ठंड नहीं पड़ेगी, तब तक लोग हीटर और गीजर नहीं खरीदेंगे। हालांकि व्यापारियों के अनुसार, ठंडक से राहत दिलाने वाले उपकरणों की बिक्री दिसम्बर में शुरू होगी।
लाटूश रोड के व्यापारियों के अनुसार, पिछले वर्ष नवम्बर माह की शुरुआत से ही पारा गिरना शुरू हो गया था। लेकिन इस बार अभी तक दिन में गर्मी हो रही है। हालांकि व्यापारियों को दीपावली के बाद पारा गिरने की उम्मीद थी। इसके चलते लाटूश रोड और नाका बाजार में व्यापारियों ने पहले से ही रूम हीटर, ऑयल फील्ड रेडियेटर, हीट कन्वेक्टर और इमर्सन रॉड स्टॉक कर लिया था।
किसी ने पांच तो किसी ने 10 लाख का माल मंगा लिया है। लेकिन अभी ग्राहक इन्हें खरीदने नहीं आ रहे हैं। जो हीटर और ब्लोअर ब्रांडेड कंपनियों के आते हैं, उनकी मांग अधिक होती है। इसके अलावा दिल्ली में बने उपकरण भी बाजार में बिकते हैं। अब तो ब्लोअर और हीटर यहां लखनऊ में भी बन रहे हैं। सभी ने मौसम को देखते हुए काफी संख्या में माल तैयार करा लिया है, जो डंप पड़ा है।
लाटूश रोड के व्यापारी अमित हवेलिया ने बताया कि रूम हीटर 500 से लेकर 5000 रुपये तक हैं। दिल्ली में बना हुआ ब्लोअर जहां 3000 में मिल रहा है तो ब्रांडेड की कीमत 5000 रुपये से अधिक है। ऑयल फील्ड हीटर की डिमांड सबसे कम होती है। इसकी शुरुआत 15 हजार रुपये से लेकर 45 हजार तक है। लाटूश रोड के व्यापारी अनुराग साहू ने बताया कि ठंड नहीं पड़ी तो व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
रुई वाले रजाई-गद्दे भी नहीं बिक रहे
मौलवी गंज में ब्रांडेड गद्दे का कारोबार करने वाले आमिर निजाम ने बताया कि ठंड न पड़ने के कारण ग्राहक अभी नहीं आ रहे हैं। रुई वाले रजाई-गद्दों की सेल तो बिल्कुल ठप पड़ी है। विभिन्न कंपनियों के आने वाले गद्दे ही बिक रहे हैं। सहालग में देने के लिए लोग इसकी खरीद कर रहे हैं। ब्रांडेड डबल बेड के गद्दों की शुरुआत जहां 8000 रुपये से शुरू है। वहीं, चार किलो रुई वाले गद्दे की शुरुआत 4000 रुपये से शुरू होती है।
