12वां दीक्षांत समारोह: भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में 22 विद्यार्थियों ने झटके 47 पदक
अमृत विचार, लखनऊ। राजधानी के कैसरबाग क्षेत्र में स्थित भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह बुधवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने की। दीक्षांत समारोह के मौके पर पद्मश्री पुरु दाधीच मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर मेधावियों का हौंसला बढ़ाया।
समारोह के मौके पर स्नातक और परास्नातक के 155 विद्यार्थियों के अलावा पीएचडी के तीन विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। करीब 96 वर्ष पहले मैरिस कॉलेज ऑफ हिन्दुस्तानी म्यूजिक के नाम से शुरू हुए संस्थान ने अब राज्य विश्वविद्यालय का रूप ले लिया है। शुरुआत के समय इसमें 13 विद्यार्थी और 7 शिक्षक थे लेकिन अब यहां से 1800 विद्यार्थी हर साल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
दीक्षांत के दौरान 22 मेधावी विद्यार्थियों को 47 पदक दिए गये। इसमें 30 को स्वर्ण, 9 को रजत और 8 को कांस्य पदक प्रदान किए गये। समारोह में खास बात ये रही कि कथक नृत्य में एमपीए करने वाली पृथ्वी सिंह को सर्वाधिक आठ स्वर्ण पदक प्रदान किए गये।
भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय 12वां दीक्षांत समारोह आज शुरू#Lucknow #UttarPradesh pic.twitter.com/hohLTqBKa8
— Amrit Vichar (@AmritVichar) November 16, 2022
सबसे अधिक प्रथ्वी सिंह को मिले ये पदक
- राय उमानाथ बली मेधा स्वर्ण पदक
- युवा आदित्य रंजन स्वर्ण पदक
- लीला वामन राय सडोलीकर स्वर्ण पदक
- डॉ. समर बहादुर सिंह स्वर्ण पदक
- पं. मोहन राव कल्याणपुरकर स्वर्ण पदक
- सरोजा वैद्यनाथन स्वर्ण पदक
- सुभाष चन्द्र द्विवेदी स्वर्ण पदक
- स्वर्गीय सरला श्रीवास्तव स्वर्ण पदक
गायन एमपीए में कर्नूरी हरीश सिंह मिले ये चार पदक
- पं. वामन राव सडोलीकर स्वर्ण पदक
- शीला सक्सेना स्वर्ण पदक
- डॉ. सुरेन्द्र कुमार सक्सेना स्वर्ण पदक
- पं. कृष्ण नारायण सतंजनकर रजत पदक
गायन में एमएपी आम्रपाली गुप्ता को मिले ये पदक
- पं. भातखंडे रजत पदक
- पं. कृष्ण नारायण सतंजनकर कांस्य पदक
गायन में बीपीए करने वाले अनुराग मौर्या को स्वर्गीय पुतली बाई स्वर्ण पदक, पं. कृष्ण नारायण सतंजनकर एवं इंदिरा बाई सतंजनकर स्वर्ण पदक, पं. घनानन्द प्रकाश स्वर्ण पदक और स्वर्गीय शिशिर कुमार स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
