मुरादाबाद : पीड़ित से बोले थानेदार- एसएसपी के सामने हो पेश, तब दर्ज करेंगे केस

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Edited By Amrit Vichar
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मनमानी : तहरीर के मजमून ने खोली पुलिसिया कार्यप्रणाली की कलई, पीतलनगरी में पीड़ितों की वेदना का मखौल उड़ा रही पुलिस

मुरादाबाद,अमृत विचार। पीतलनगरी में पीड़ितों की वेदना का पुलिस मखौल उड़ा रही है। मुकदमे तभी दर्ज होंगे, जब तहरीर पर एसएसपी लिखित अनुमति देंगे। यह महज दावा नहीं बल्कि अनुशासन की आड़ में छिपा वह स्याह सच है, जिसे आधार बनाकर खाकी ने थाने व चौकी की प्रासंगिकता पर सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिसिया खेल से शासन की मंशा को पलीता लग रहा है। बेबस व लाचार पीड़ित एसएसपी कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

शासन का फोकस समस्याओं के त्वरित व प्रभावी निस्तारण पर है। पीड़ितों की समस्याओं के निदान के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाएं बनाई गई हैं। मुरादाबाद के साथ ही परिक्षेत्र के सभी पांच जिलों में तहसील व थाना दिवस के अलावा वादी दिवस तक के आयोजन हो रहे हैं। पुलिस व प्रशासनिक अमला दर्शाने में जुटा है कि समस्याओं के निस्तारण के प्रति वह संवेदनशील व गंभीर है।

प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं के समाधान का दावा भी हो रहा है। इसके इतर थाने की जीडी पर मुकदमा व धाराएं दर्ज होने की शर्त अलग है। पर्दे के पीछे की शर्त व पुलिस की असल मंशा की पोल एक तहरीर ने खोल दी। तहरीर के मजमून से सवाल उठा कि थाने की कमान संभालने वाले इंस्पेक्टर अथवा दारोगा को क्या कोई अधिकार नहीं है? तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की उसकी स्वतंत्रता क्यों और किसने बाधित की? मुकदमा दर्ज करने के लिए एसएसपी की अनुमति मिलने का इंतजार इंस्पेक्टर क्यों करने लगे? वह भी तब जब शासन से ऐसा कोई लिखित आदेश नहीं है। 

पीड़ित को टरकाने की नई तरकीब इजाद करने वाले थानेदारों की कारगुजारी अब पुलिस के उच्चाधिकारियों पर भारी पड़ने लगी है। पुलिस कार्यालय पर पीड़ितों की कतार जिला अस्पताल के मरीजों व तीमारदारों के अनुपात में आ रही है। कलेक्ट्रेट आने वाला हर दूसरा व्यक्ति हाथ में तहरीर लेकर उच्चाधिकारियों की परिक्रमा करने पर मजबूर है। एसएसपी कार्यालय का माहौल मेले की भांति हो चला है। पीड़ितों में सर्वाधिक संख्या उन महिलाओं की है, जिनकी समस्याओं के निस्तारण को लेकर शासन बेहद संवेदनशील है।

तहरीर जिसने खोली पुलिस की कलई
कटघर थानाक्षेत्र में लाजपत नगर के रहने वाले शमशाद अली व्यवसायी हैं। 15 नवंबर को उन्होंने एसएसपी को संबोधित तहरीर दी। बताया कि जमीन के लेनदेन के विवाद में उनसे सात लाख रुपये की ठगी की गई है। पीड़ित का आरोप है कि जिस व्यक्ति से उसने सौदा किया, वह पहले ही अपने नाम की भूमि दूसरे के हाथ बेच चुका है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब वह खतौनी पर अपना नाम दर्ज कराने तहसील पहुंचे। पीड़ित ने जब आरोपियों से रुपये वापस मांगा, तब उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। धोखाधड़ी की पुष्टि के बाद वह तहरीर लेकर थाने पहुंचे। वहां थानेदार ने चौंकाने वाली शर्त पीड़ित के सामने रखी। थानेदार ने कहा- पहले एसएसपी के सामने पेश हो। उनकी अनुमति मिलने के बाद ही जीडी में मुकदमा दर्ज होगा। इस बात का उल्लेख पीड़ित ने एसएसपी को संबोधित तहरीर में भी किया है।

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