बांदा : एमडीएम की जिम्मेदारी से मुक्त होने को महिला शिक्षकों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन 

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बांदा। महिला शिक्षकों ने विद्यालयों में एमडीएम बनवाये जाने की जिम्मेदारी लेने से इन्कार करते हुए कहा है कि यह दायित्व ग्राम प्रधान को सौंपा जाये। एमडीएम तैयार करवाने के चक्कर में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।

उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ ने शुक्रवार को जिलाध्यक्ष सुधा सिंह राजपूत की अगुवाई में जिलाधिकारी को सौंपे अपने छह सूत्रीय ज्ञापन में मांग की है कि मध्याह्न भोजन बनवाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान को सौंपी जाये, महिला शिक्षकों को इस कार्य से मुक्त रखा जाये, ताकि वह विद्यालय में अध्यापन कर सकें।

उनकी यह भी मांग है कि ग्राम प्रधान द्वारा बनवाये जा रहे मध्याह्न भोजन के लिये महिला शिक्षकों को कतई दोषी न ठहराया जाये। मध्याह्न भोजन यदि महिला शिक्षकों के द्वारा बनवाया जाता है तो एमडीएम विद्यालय प्रबंध समिति के साथ चलाया जाये। एमडीएम को लेकर ग्राम प्रधानों द्वारा महिला शिक्षकों को परेशान न किया जाये।

महिला शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि अक्सर महिला शिक्षकों से कमीशन की मांग की जाती है और न देने पर उनके साथ अभद्रता की जाती है साथ ही जान से मारने तक की धमकी दी जाती है। उनकी शिकायत है कि महिला शिक्षक जब ग्राम प्रधानों से चेकों पर हस्ताक्षर कराने जाती हैं तो उन्हें कमीशन को लेकर परेशान किया जाता है। साइन तभी किये जाते हैं जब कमीशन ले लिया जाता है। इस पर तत्काल प्रभाव से कार्यवाही की जाये।

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