World Toilet Day 2022 : स्वच्छता रैंकिंग की तैयारी, Kanpur के कई शौचालयों में गंदगी पड़ रही भारी
World Toilet Day 2022 कानपुर के कई महिला शौचालयों में पुरुष इस्तेमाल कर रहे है। जबकि शहर के मुख्य बाजारों में महिलाओं के लिए शौचालय नहीं होने से दिक्कत हो रही है।
कानपुर, अमृत विचार। World Toilet Day शहर को स्वच्छता रैंकिंग में प्रथम पायदान पर काबिज कराने के लिए नगर निगम कागजी कार्रवाई पूरी कर रहा है। इसी के चलते कानपुर कागजों में ओडीएफ यानि खुले में शौंच मुक्त घोषित है। लेकिन घर से बाहर निकलने के बाद अगर आपको कभी शौचालय की जरूरत महसूस हुई तो आपको भटकना पड़ सकता है।
महिलाओं के लिए बने शौचालयों को कई जगह पुरुष इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कई जगह तो शौचालय पर ताले लगे हैं। शहर के प्रमुख बाजारों में तो शौचालय और पेशाबघर की बेहद कमी है। जिसके चलते आम लोगों को परेशान होना पड़ता है। नगर निगम मुख्यालय में स्मार्ट सिटी के ऑफिस में बना शौचालय ही जाम है। जिसके चलते उसे बंद कर दिया गया है।
नगर निगम मुख्यालय मोतीझील में तीन शौचालय और एक पेशाबघर बना हुआ है। यहां हमेशा गंदगी रहती है। मुख्यालय की गोल भवन में बने पुरुष शौचालय में तीन वॉसबेसन में दो में पानी नहीं आता, एक से पानी आता है तो उसका पाइप जाम है। जिससे गंदा पानी वॉसबेसन में गंदा पानी भरा रहता है। वहीं, तीन शौंचघर में दो का गेट टूटा है। जिसको लोग इस्तेमाल ही नहीं करते हैं। जिससे कर्मचारी और यहां आने वाले आगंतुक यहां-वहां भटकते रहते हैं।
इसी तरह स्वरूप नगर से आते समय मैदान से लगा शौचालय बंद है। तो कारगिल पार्क में बना शौचालय भी इस्तेमाल में नहीं आता है। अशोक नगर की तरफ बना पिंक शौचालय केवल महिलाओं के लिए बना है, लेकिन यहां पुरुष भी जाते हैं। कई पेशाबघर और शैचालयों के आगे आगे दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है इसके चलते महिलाएं नहीं जा पाती हैं।
व्यापारियों ने की मांग
व्यापार बन्धु की बैठक में व्यापारियों ने बाजारों में सार्वजनिक पेशाब घर की मरम्मत करने और प्रत्येक बाजार में कम से कम 2 पेशाब घर अनिवार्य रूप से बनाने की मांग की है। इससे पहले भी व्यापारियों ने मांग की लेकिन, व्यापारियों की समस्याओं का हल नहीं निकला है।
शौचालय पर एक नजर
532 - सामुदायिक और पब्लिक शौचालय
08 - एसी शौचालय
200 – पेशाबघर
60 – चलित शौचालय और पेशाबघर
शहर में शौचालयों की बुरी स्थिति है। कई बार बाहर निकलते हैं तो दिक्कत होती है। पेशाबघर न होने से कई बार खुले में ही करना पड़ता है।- अक्षय त्रिवेदी, काकादेव
पेशाबघर और शोचालय न होने से लोग ट्रक का सहारा लेकर पेशाब करते हैं। जिससे गंदगी के साथ यहां से निकलने वाले भी परेशान होते हैं। कई शिकायत की लेकिन हल नहीं निकला- कुलदीप सिंह, टीपी नगर
बाजार में तो कहीं भी महिलाओं के लिए व्यवस्था नहीं है। कई जगह नगर निगम ने शौचालय बनाए भी हैं तो वहां गंदगी के चलते नहीं जा सकते।- रेखा सिंह, गोविंद नगर
महिलाओं के लिए तो बहुत बड़ी समस्या है। शौचालय साफ ही नहीं होते, जिससे वहां एक मिनट भी खड़ा नहीं हुआ जाता। कई महिलाओं के शौचालयों में पुरुष बैठे रहते हैं।- वंदना तिवारी, नौबस्ता
नगर निगम पूरे शहर में शौचालयों की स्थिति पर नजर रखे है। जहां समस्याएं आती हैं उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। मुख्यालय में ऐसी दिक्कत है तो अधिकारियों को कहकर जल्द दुरुस्त कराएंगे।- शिवशरणप्पा जीएन, नगर आयुक्त
