Kanpur : Rawatpur Station के बाहर चलती रोडवेज Bus में लगी आग, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान, ड्राइवर-कंडक्टर झुलसे
Kanpur News कानपुर में रावतपुर स्टेशन के बाहर चलती रोडवेज में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान बस में सवार यात्रियों ने कूदकर जान बचाई है। इसमें ड्राइवर-कंडक्टर भी झुलस गए है।
कानपुर, अमृत विचार। Kanpur News रोडवेज बस की हालत शनिवार को कई घरों में मातम ला सकती थी। रावतपुर मेट्रो स्टेशन के पास सवारियों को उतारते वक्त अचानक बस के इंजन से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग लग गई। आग देख लोगों ने शोर मचाया तो बैठीं सवारियों में अफरा तफरी मच गई। फौरन सभी बस से उतरकर भागने लगे।
वहीं, बीच व्यस्त सड़क पर हुई इस घटना के दौरान आसपास के वाहनों ने दूरियां बढ़ा ली, ट्रैफिक में फसे लोगों में भी काफी हड़कंप मचा रहा। गनीमत रही कि बस में लगा सीज फायर (अग्निशमन यंत्र सिलिंडर) सही हालत में था, जिसका प्रयोग कर आग को बढ़ने नहीं दिया गया। इस दौरान दुकानदारों ने आग बुझाने में काफी सहयोग किया। करीब एक घंटे तक मची इस खलबली के दौरान चालक और परिचालक दोनों झुलस गए।
कानपुर देहात के रसूलाबाद के पहाड़पुर गांव के रहने वाले चालक सुरेंद्र कुमार व परिचालक अनिल त्रिपाठी लखनऊ से सवारियां लेकर डेढ़ बजे के बाद झकरकटी पहुंचे थे। वहां से विकास नगर डिपो की इस बस को लेकर डिपो आ रहे थे। रावतपुर मेट्रो स्टेशन के पास जब बस रुकी तो अचानक बस से धुआं उठने लगा।
आसपास के दुकानदारों ने जब यह देखा तो फौरन शोर मचा दिया। दुकानदारों की माने तो बस में करीब दस से 15 सवारियां भी थीं, जो शोर सुन और धुआं देख भागने लगीं। इंजन के नीचे आग के साथ तरल पदार्थ भी टपकने लगा और बस के अंदर भी धुआं फैलने लगा। फौरन चालक और परिचालक ने बस में रखे सीज फायर को निकाला और आग को बुझाना शुरू कर दिया। इस दौरान दोनों झुलस गए।
बाद में और अग्निशमन यंत्रों को मौके पर लाया गया और दुकानदारों की मदद से आग को बुझाया जा सका। इस दौरान जाम में फंसे वाहन चालकों में भी हड़कंप मच गया। आग बुझने के बाद परिवहन अधिकारियों द्वारा क्रेन मंगाई गई और फिर बस को फजलगंग के क्षेत्रीय वर्कशॉप ले जाया गया।
कोई डिवाइडर फांदा, तो कोई वाहन छोड़ भागा
रोडवेज की बस में आग लगने की खबर जैसे ही गूंजी, अफरा तफरी मच गई। जो लोग पहले जाम खुलने का इंतजार कर रहे थे, घटना से उनके होश उड़ गए। कोई वाहन छोड़ भाग खड़ा हुआ तो किसी ने डिवाइडर फांदकर खुद को बचाना ठीक समझा। इस दौरान किसी की बाइक गिरी तो कोई कार के बौनट पर चढ़कर रास्ता पार करने लगा। अच्छी बात यह रही कि आग बढ़ी नहीं और समय रहते उसको बुझा लिया गया। नहीं तो आसपास दुकान और जाम में फंसे अनगिनत वाहनों के कारण एक बड़ा हादसा शहर में हड़कंप की स्थिति पैदा कर सकता था।
एक दिन पहले ही वर्कशॉप में हुई थी ठीक
रोडवेज बसों का ही नहीं वर्कशॉप का भी अजब हाल है। जिस बस में आग लगने की घटना हुई, वह एक दिन पहले ही वर्कशॉप से निकली थी। बताया यह भी जाता है कि उसे लखनऊ भी ठीक करने भेजा गया था। लेकिन, बावजूद इसके बस में ऐसा क्या ठीक किया गया जो दोबारा वर्कशॉप उसे क्रेन से ले जाना पड़ा। बस की रवानगी से पहले वर्कशॉप की जिम्मेदारी होती है कि वह फिट है या नहीं। ऐसे में यदि इस तरह की घटना सामने आती है तो डिपो के अलावा वर्कशॉप के कार्य पर भी सवाल खड़े होते हैं।
बिधूना से दिल्ली चलती थी बस
रोडवेज बस (यूपी 77 एएन 1496) बिधूना से दिल्ली चलती है। विकास नगर डिपो में इस रूट की करीब छह से सात गाड़ियां हैं। अब यह वर्कशॉप में ठीक की जाएगी, ऐसे में दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बस की कमी की समस्या हो सकती है। डिपो अधिकारियों का कहना है कि इसके स्थान पर दूसरी बस को बिधूना दिल्ली चलाया जाएगा।
…तो क्या बिना टिकट बैठीं थीं सवारियां
रावतपुर स्टेशन के आसपास प्रत्यक्षदर्शी दुकानदारों की माने तो आग लगने के दौरान रोडवेज बस में करीब 10 से 15 सवारियां भी बैठीं थीं। जो घटना की जानकारी होते ही भागने लगीं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ से सवारियां लेकर झकरकटी पहुंची थी, जहां सभी को उतार दिया गया था और फिर उसे डिपो लाया जा रहा था। यदि ऐसा था तो फिर माना जा रहा है कि बस में बैठीं सवारियां बिना टिकट सवार थीं। लालच में की गई यह लापरवाही इन लोगों पर भी भारी पड़ सकती थी।
एक दिन पहले ही वर्कशॉप में बस के इंजन का काम कराया गया था। स्पार्किंग कैसे हुई, इसको लेकर जांच कराएंगे।-एल के सिंह, आरएम
इस बस के इंजन में लखनऊ में काम होना था, इसलिए कानपुर लखनऊ चलाया गया था। कंडक्टर ने किसी भी सवारियों के नहीं बैठे होने की बात कही है। गाड़ी अचानक रुक गई थी और धक्का लगाते वक्त स्पार्किंग से आग लगी है।- टीएस यादव, स्टेशन इंचार्ज, विकास नगर डिपो
