काशी और तमिलनाडु दोनों हैं शिवमय, प्राचीनतम संस्कृति के केंद्रों का होगा मिलन :पीएम मोदी
दोनों ही हजारों साल प्राचीन परंपरा के वाहक
वाराणसी, अमृत विचार। प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ देर पहले काशी तमिल संगमम का उद्घाटन किया। मंच से अपने भाषण कि शुरुआत उन्होंने वणक्कम काशी कहकर की। पीएम मोदी ने कहा काशी और तमिलनाडु दोनों ही शिव की नगरी हैं ,दोनों शिवमय हैं। उन्होंने कहा ये दोनों ही हजारों साल प्राचीन परंपरा के वाहक हैं। और आज से एक महीने तक चलने वाले काशी तमिल संगमम में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति इस बात को महसूस करेगा।
पीएम मोदी ने मंच से काशी तमिल संगमम के आयोजन के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन समेत पूरे उत्तर प्रदेश को धन्यवाद कहा। पीएम मोदी ने कहा कि काशी और तमिलनाडु दोनों में विद्वानों ने जन्म लिया और आज भी उनका दिखाया मार्ग हज़ारों वर्षों से हमे प्रकाशमान कर रहा है। उन्होंने कहा वाराणसी और तमिलनाडु दूर होते हुए भी आपस में जुड़े हैं। काशी में भगवन शिव हैं तो दक्षिण में रामेश्वरम , यहां बाबा तुलसी ने जन्म लिया तो वहीँ दक्षिण में गुरु तिरुवल्लुर। पीएम ने कहा दक्षिण में आज भी उत्सव और धार्मिक आयोजनों में काशी गमन का जिक्र आता है तो वहीँ हमारे यहां सुबह उठकर बारह ज्योतिर्लिंगों के स्मरण में सेतुबंध रामेश्वरम को याद करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को सम्बंधित करते हुए कहा कि अगर हमे भारत दर्शन का मर्म समझना है तो दक्षिण की सभ्यता और संस्कृति को भी जानना होगा। साथ ही काशी और शेष भारत से उसका सम्बन्ध समझना होगा। उन्होंने कहा तमिल प्राचीनतम भाषा होते हुए भी आज भी सबसे ज्यादा प्रसिद्द है। पीएम ने कहा आज काशी और तमिलनाडु की सस्कृति को एकाकार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि काशी तमिल संगमम के जैसे और आयोजनों की देश में जरूरत है।
