मुरादाबाद : डीआईजी ने पढ़ाया पुलिसिंग का पाठ, जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

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Edited By Amrit Vichar
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 प्रेशर ग्रुप से परे होकर मातहतों को दायित्व निर्वहन का दिया संदेश

अधिकांश थानेदारों ने घटनाओं को बढ़ा चढ़ा कर पेश करने व विवेचना में आने वाली समस्याओं के बावत आपत्ति दर्ज कराई।

मुरादाबाद, अमृत विचार। डीआईजी शलभ माथुर ने शुक्रवार रात एसएसपी हेमराज मीना के साथ पहली बार क्राइम मीटिंग का नेतृत्व किया। डीआइजी ने मातहतों को न सिर्फ पुलिसिंग का पाठ पढ़ाया, बल्कि धरातल से जुड़ी पुलिस की समस्याओं व उसके समाधान पर व्यापक चर्चा की। डीआइजी की पाठशाला देर रात करीब डेढ़ बजे तक चली। 

एसएसपी हेमराज मीना ने मुरादाबाद में पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार पुलिस लाइन में क्राइम मीटिंग का आयोजन किया। क्राइम मीटिंग शुरु होने के दस मिनट बाद ही डीआइजी शलभ माथुर भी वहां आ गए। मीटिंग को संबोधित करते एसएसपी ने विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर बल दिया।

कुंदरकी थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते एसएसी ने पूछा कि मारपीट व बलवा संबंधित घटनाओं के पंजीकरण में हीलाहवाली क्यों की गई? आपराधिक घटनाओं के पंजीकरण व उसके आंकड़े दुरुस्त रखने के आदेश एसएसपी ने मातहतों को दिए। इसके बाद क्राइम मीटिंग की कमान डीआइजी ने अपने हाथ में ली।उन्होंने उपलब्ध संसाधनों में थानेदारों से पुलिस की मूल समस्याओं के बावत पूछा। अधिकांश थानेदारों ने घटनाओं को बढ़ा चढ़ा कर पेश करने व विवेचना में आने वाली समस्याओं के बावत आपत्ति दर्ज कराई।

डीआइजी ने जनता व पुलिस के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने मातहतों को सलाह दी कि वह जनता से जुड़ें। जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर बल दें। प्रभावी कार्रवाई करते हुए लोगों में विश्वास पैदा करें कि पुलिस प्रति पल पीड़ित के साथ खड़ी है। काउंसिलिंग टाइप की। संसाधन फोर्स की कमी। जनता में विश्वास जगाने के लिए अधिक संवाद नम्र बर्ताव घटनाओं का त्वरित समाधान है।   

साहब! क्राइम ब्रांच के पास नहीं है वाहन 
क्राइम ब्रांच में तैनात एक इंस्पेक्टर ने क्राइम मीटिंग के दौरान उच्चाधिकारियों को बताया कि अपराध शाखा के पास अपना कोई वाहन नहीं है। वाहन न होने के कारण विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण में देर हो रही है। घटना स्थल, पीड़ित से मुलाकात अथवा साक्ष्य संकलन में देर हो रही है। आरआई से वाहन मांगने के बाद भी संसाधन उपलब्ध नहीं होता। अपराध शाखा के इंस्पेक्टर की वेदना को गंभीरता से सुनने के बाद अधिकारियों ने समस्याए के समाधान का आश्वासन दिया। 

इंस्पेक्टर एलआईयू के पास स्टाफ का टोटा 
शहर व जिले की गतिविधि पर पैनी नजर रखने वाली स्थानीय अभिसूचना ईकाई के पास स्टाफ की कमी है। क्राइम मीटिंग के दौरान इंस्पेक्टर एलआइयू ने स्टाफ की कमी की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। बताया कि उपलब्ध व सीमित संसाधनों के बीच सूचनाओं के संकलन व उसके त्वरित प्रेषण में अवरोध उत्पन्न हो रहा है। एलआइयू इंस्पेक्टर को भी स्टाफ की कमी दूर करने का आश्वासन मिला। 

थानेदार बदलते रहें हमराज 
उच्चाधिकारियों को जिले के सभी थानेदारों को एक सीमित अवधि के बाद हमराहों को बदलते रहने की नसीहत दी। उच्चाधिकारियों ने दो टूक कहा कि हमराज व वाहन चालक के निरंतर  बने रहने से थानेदारों की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठती है। पुलिस पर भ्रष्टाचार तक के आरोप लगते हैं। ऐसे आरोपों से बचने व कार्यप्रणाली स्वच्छ रखने के लिए उन्होंने हमराह बदलने का आदेश दिया।

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