बरेली: बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, घरों में घुसा पानी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली,अमृत विचार। बारिश ने एक बार फिर से नाला सफाई का सच उजागर कर दिया है। शुक्रवार को हुई बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। बिहारीपुर, सौदागरान, मलूकपुर, जसौली, कालीबाड़ी, सिकलापुर, संजय नगर, सुभाष नगर जैसे इलाकों की गलियों ने तालाब जैसा रूप ले लिया। वहीं, सीवर ट्रंक लाइन, ओवरब्रिज निर्माण की …

बरेली,अमृत विचार। बारिश ने एक बार फिर से नाला सफाई का सच उजागर कर दिया है। शुक्रवार को हुई बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। बिहारीपुर, सौदागरान, मलूकपुर, जसौली, कालीबाड़ी, सिकलापुर, संजय नगर, सुभाष नगर जैसे इलाकों की गलियों ने तालाब जैसा रूप ले लिया। वहीं, सीवर ट्रंक लाइन, ओवरब्रिज निर्माण की व्यवस्था भी बारिश में सामने आ गई। सड़कों पर सीवर ट्रंक लाइन के लिए खोदे गड्ढे जानलेवा साबित हुए। कई लोग गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो गए।

झमाझम बारिश से पुराना शहर में सैलानी, सूफीटोला, रोलीटोला, कांकरटोला, हजियापुर, चक महमूद, सिकलापुर, बांसमंडी, आजमनगर, कालीबाड़ी की गलियों में पानी भर गया। संजयनगर के कई इलाकों में पानी भर गया। सुभाषनगर पुलिया के नीचे जलभराव से लोगों को मुश्किल हुई। जनसेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खान वारसी ने कहा कि मलूकपुर के जलभराव की समस्या को नगर निगम गम्भीरता से ले और इस समस्या से लोगों को मुक्ति मिले। इसके लिये नगर निगम प्रशासन को जलनिकासी के रास्तों को दुरुस्त कराने की आवश्यकता है। बारिश ने दरगाह आला हजरत की गली, मलूकपुर, बजरिया, जुगगन की गली, कुंवरपुर, जसौली आदि की सड़कें जलमग्न हो गईं। जलभराव की जटिल समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है।

करीब 10 लाख से अधिक की आबादी वाले 80 वार्डों के शहर में जलभराव के 40 ठिकाने हैं। दशकों से जलभराव से शहरवासियों को निजात दिलाने का दावा जिम्मेदार करते आ रहे हैं लेकिन बरसात शुरू होते ही नतीजा शून्य हो जाता है। नगर निगम की ओर से हर साल सर्विस लेबल बेंचमार्क की रिपोर्ट जाती है। इसमें बताया जाता है कि शहर में कितने जलभराव के ठिकाने हैं। करीब दशकों से 40 जलभराव के ठिकाने हर साल बताए जाते हैं। जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम के पास संसाधनों की कमी भी है। केवल पानी निकालने के पंपिंग सेट खरीद कर जलभराव से निजात दिलाने का दंभ भरा जाता है।

इसके साथ ही सीवर जेटिंग मशीन दो है। कुछ जगहों पर बने पंप का हाल बेहाल है। दो जगहों पर चालू तक नहीं हो पाया हे। जब बरसात होती है तो सफाई निरीक्षक और जोनल सफाई अधिकारी, जलकल विभाग सक्रिय हो जाता है। इसके कारण शहर में जलभराव की हालत दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। कई जगहों पर नाला निर्माण कार्य चल रहा है। इसके कारण पानी का निकास नहीं हो पा रहा है। तालाबों पर अवैध कब्जा हो चुका है, जिसके कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर जा रहा है।

“शहर के निचले इलाकों में स्थित कालोनियों में बारिश में जलभराव होने की सूचना मिली है। पानी की निकासी हो गई। कुछ जगह ऐसे हैं, जो निचले स्थल पर हैं। उनकी जल निकासी में दिक्कत आ रही है। पंपिंग सेट के जरिए पानी निकालने का काम किया जाएगा।” -डा. अशोक कुमार,नगर स्वास्थ्य अधिकारी

संबंधित समाचार