फॉलोअप : सूफियान के डर से 20 दिनों तक घर में दुबकी रही थी निधि
डेढ़ वर्ष से निधि पर धर्म परिवर्तन व शादी का दबाव बना रहा था सूफियान, 20 दिन से दे रहा था जान से मारने की धमकी
अमृत विचार, लखनऊ। निधि हत्याकांड के आरोपी सूफियान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शनिवार को उसका बयान दर्ज किया। सूफियान की गिरफ्तारी के बाद निधि के परिजनों ने एक बार फिर से उसे फांसी की सजा देने की मांग उठाई है। निधि की मां लक्ष्मी ने बताया कि सूफियान की धमकियों से डरकर बीते 20 दिन से निधि घर से बाहर तक नहीं निकल रही थी। सूफियान गत 20 दिनों से लगातार उसे जान से मारने की धमकी दे रहा था।
नाबालिग उम्र में ही शादी करने का दबाव बना रहा था सूफियान
निधि की बड़ी बहन पूजा ने बताया कि सूफियान और निधि की करीब दो वर्ष पूर्व फेसबुक से दोस्ती हुई थी। शुरुआत में तो सूफियान सिर्फ दोस्त था, पर छह माह में ही वह निधि पर शादी का दबाव बनाने लगा। उस वक्त निधि नाबालिग थी, इसलिए उसने साफ इन्कार कर दिया था। इसके बाद भी सूफियान लगातार दबाव बनाता रहा।
बाद में निधि का एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की बात कहकर धमकाना शुरू कर दिया। 15 नवंबर से 20 दिन पूर्व से सूफियान ने निधि को जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी थी। निधि उसकी धमकियों से इतनी डर गई थी कि न तो कॉलेज जाती थी और न ही घर के बाहर निकलती थी। उसने अपने आप को पूरी तरह से घर में कैद कर लिया था। सूफियान उसे नंबर बदल-बदल कर धमकी देता था।
सूफियान की करतूत से रिश्तेदारों ने भी भगाया
जबरन शादी और धर्म परिवर्तन से इन्कार करने पर निधि की हत्या करने के बाद सूफियान को कोई भी रिश्तेदार उसे छिपाने को तैयार नहीं था। पांच दिन में सूफियान दुबग्गा और ठाकुरगंज में रहने वाले अपने चार रिश्तेदारों के पास गया था। पर मीडिया में सूफियान की करतूत उजागर होने के बाद कोई भी रिश्तेदार उसे रखने को तैयार नहीं हुआ।
दुबग्गा में ही रहने वाली बुआ के यहां वह दो दिन छिपा रहा, फिर गुरुवार रात बुआ ने भी घर से भगा दिया। गुरुवार रात वह पॉवर हाउस तिराहे के पास जंगल में छिपा रहा। शुक्रवार दोपहर 1:30 बजे रिश्तेदारों की ही सूचना पर पुलिस ने उसे पॉवर हाउस तिराहे के पास से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार निधि की हत्या को लेकर सूफियान के मन में कोई अफसोस नहीं है।
खुद की हिफाजत के लिए खरीदा था तमंचा
दुबग्गा प्रभारी निरीक्षक सुखबीर सिंह भदौरिया ने बताया कि घटना के बाद सूफियान को लगा था कि पुलिस उसका एनकाउंटर कर देगी। वहीं निधि के परिजनों का भी डर सता रहा था।
इसलिए उसने घटना के अगले दिन ही दुबग्गा में एक युवक से ढाई हजार रुपये में 12 बोर का तमंचा आत्मरक्षा के लिए खरीदा था। सूफियान को तमंचा बेचने वाले युवक की भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
