Kanpur: Akhilesh Yadav चुनाव में व्यस्त, अब अकेले पड़ गए Irfan, Solanki भाईयों का कोर्ट में सरेंडर का तानाबाना शुरू

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Edited By Amrit Vichar
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Kanpur News सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मैनपुरी चुनाव में व्यस्त है। अखिलेश के व्यस्त होने से अब इरफान सोलंकी अकेले पड़ गए है। जिस कारण से सोलंकी भाईयों का कोर्ट में सरेंडर का तालाबाना शुरू हो गया है।

कानपुर, अमृत विचार। MLA Irfan Solanki के कारण समाजवादी पार्टी मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र का उपचुनाव और यूपी के निकाय चुनाव को प्रभावित नहीं करना चाहती है। मैनपुरी से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादल मैदान में हैं। शिवपाल से उनकी सुलह के बाद चुनाव अभियान में व्यस्त देखकर विधायक अमिताभ वाजपेयी और पूर्व विधायक सतीश निगम का अब तक अखिलेश से संपर्क नहीं हो पाया।

अखिलेश यादव मैनपुरी के साथ ही रामपुर और खतौली विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव में भी व्यस्त हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि दोनों के खिलाफ गैरमानती वारंट जारी किया जा चुका है।

विधायक अमिताभ वाजपेयी ने कहा था कि कानपुर में लोकतंत्र बचाओ आंदोलन के माध्यम से पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ निष्पक्ष जांच और उनकी गिरफ्तारी पर रोक के लिए कहा जाएगा। सूत्रों की मानें तो अखिलेश की चुनावी व्यस्तता के चलते दोनों नेताओं की बात नहीं हो सकी। पता चला है कि सपा विधायक के खिलाफ मेडिकल कालेज कांड की फाइल भी खोले जाने की तैयारी है।

ऐसी आशंका अमृत विचार ने पहले ही एक रिपोर्ट में जतायी थी। उसके खिलाफ 28 फरवरी 2014 को मेडिकल कांड में थाना स्वरूपनगर में चार मुकदमें दर्ज हैं। पहला 31/2014 धारा 143, 347, 323, 504, 506 व 427, दूसरा 42/2014, धारा 147, 148,149,307,323,504,506.352 व 427 तीसरा 48/2014 धारा 279, 147,323,. 342. 427 ल 352 तथा चौथा मुकदमा 405/2014 धारा 143,147,323,504,507,427 है। तब अखिलेश यादव की सरकार के कारण इरफान के खिलाफ दर्ज इन मुकदमों में एफआर लगा दी गयी थी। भाई रिजवान के साथ फरार सीसामऊ क्षेत्र से सपा विधायक इरफान सरेंडर करने की फिराक में है। सपा अध्यक्ष ने 11 सदस्यीय टीम भेजकर रिपोर्ट मंगवायी थी।

मालूम हो कि सात नवंबर की रात फातिमा के जाजमऊ स्थित प्लाट पर अग्निकांड में दोनों भाई आरोपी हैं। पुलिस ने आठ नवंबर को बेबी नाज की तहरीर पर इरफान, रिजवान और अज्ञात पर आगजनी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। दबिश की भनक लगते ही दोनों भाई फरार हो गए थे। तब से अब तक उनका पता नही चल सका।

पुलिस के अनुसार दोनों बराबर लोकेशन बदल रहे हैं। स्थानीय सपा विधायक इसे पुलिस की ज्यादती मानते हैं। ये लोग इरफान के समर्थन में लोकतंत्र बचाओ की तैयारी में हैं। पूर्व विधायक सतीश निगम सोशल मीडिया में सक्रिय हैं। दोनों की अग्रिम जमानत की याचिका भी कोर्ट में नहीं टिक पायी। 

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष डाक्टर इमरान का कहना है कि 11 सदस्यीय टीम के हेड विधायक मनोज पांडेय हैं जिन्होंने रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंप दी है। इस पर वे ही कुछ बता सकेंगे। उनका कहना है कि लोकतंत्र बचाओ आंदोलन के लिए सपा अध्यक्ष की अनुमति लेना पड़ेगी। बिना उनकी अनुमति के आंदोलन का सवाल नहीं उठता। विधायक अमिताभ वाजपेयी भी इसी पक्ष में हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी फिलहाल चुनाव मैं व्यस्त है।

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