अयोध्या: चार तहसीलों की खतौनी में फंसा है 10 होम्योपैथिक अस्पतालों का निर्माण
अमृत विचार, अयोध्या। सूबे की सरकार आयुष चिकित्सा पद्धति की तरह होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ाने का लाख दावा करे लेकिन अयोध्या में सच्चाई इससे बिल्कुल इतर है। यहां चार तहसीलों के प्रशासन द्वारा बरती जा रही है लापरवाही के कारण दस होम्योपैथिक अस्पतालों का निर्माण अटका पड़ा है। चिह्नित ग्राम पंचायतों द्वारा भूमि आवंटन का प्रस्ताव किए जाने के बाद भी खतौनी में अस्पताल का नाम नहीं दर्ज हो रहा है। जबकि संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा अस्पताल का नाम खतौनी में दर्ज किए जाने के लिए प्रस्ताव भी तहसील को भेज दिया गया है।
जिला होम्योपैथिक विभाग भी इस संबंध में तहसीलों से लगातार पत्राचार कर रहा है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिले की ग्रामीण आंचलों में होम्योपैथिक अस्पताल बनाए जाने को लेकर सदर, मिल्कीपुर, बीकापुर व सोहावल तहसील क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों ने जिला होम्योपैथिक विभाग को जमीन आवंटित कर दी है। लेकिन खतौनी में जमीन होम्योपैथिक अस्पताल के नाम दर्ज न होने के कारण निर्माण संबंधित आगे की प्रक्रिया अब ठंडे बस्ते में जाती दिखाई दे रही है।
अस्पताल निर्माण के लिए केवल सदर तहसील में ही सबसे ज्यादा 6 जगहों पर गंगौली, रसूलाबाद, बाकरगंज, अरवत, दलपतपुर व गोसाईगंज शामिल है जबकि बीकापुर तहसील में 2 जगहों बेनीगद्दोपर, चौरेबाजार, इसके अलावा सोहावल के रौनाही व मिल्कीपुर के घोड़वल में अस्पताल बनाने के लिए जमीन का आवंटन का प्रस्ताव हो चुका है।
जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डा. घनश्याम चौधरी ने बताया कि सितंबर माह तक अस्पताल बनने के लिए सारी जमीनें उपलब्ध हो गई हैं। जिनका खतौनी में नाम दर्ज कराने के लिए सभी तहसील प्रशासन को पत्राचार किया गया है।
उन्होंने बताया कि 19 अक्टूबर 2022 को सदर तहसील प्रशासन को ग्राम सभा द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीनों के प्रस्ताव को राजकीय होम्यौपैथिक चिकित्सालय के पक्ष में दर्ज कराने जाने को लेकर पत्राचार किया गया है। वहीं इसके पहले अन्य जगहों के लिए भी खतौनी में नाम दर्ज कराने जाने को लेकर बीकापुर, मिल्कीपुर व सोहावल तहसील में भी पत्राचार किया गया है।
आवंटित जमीनों के प्रस्ताव को राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल के पक्ष में खतौनी में दर्ज कराने जाने को लेकर सभी तहसीलों से पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं है। इसी मामले को लेकर दोबारा रिमांइडर भेजा जाएगा ...डॉ. घनश्याम चौधरी, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, अयोध्या।
