कानपुर: ‘हम संजीत की धमकियों से डर गए थे, उतार दिया मौत के घाट’
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के बर्रा क्षेत्र में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव की हत्यारोपियों ने कहा है कि वे संजीत की धमकियों से डर गये थे इसलिये उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को यहां बताया कि लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के हत्यारोपियों ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किये …
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के बर्रा क्षेत्र में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव की हत्यारोपियों ने कहा है कि वे संजीत की धमकियों से डर गये थे इसलिये उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को यहां बताया कि लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के हत्यारोपियों ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किये हैं।
अपहरणकर्ताओं के मास्टरमाइंड ज्ञानेंद्र ने 26 जून की रात का पूरा घटनाक्रम पुलिस को बताते हुए कहा “साहब सब कुछ ठीक चल रहा था और पुलिस उनके आसपास भी नहीं पहुंच पा रही थी। लेकिन संजीत का होश में आना हमारे लिए दिक्कत का सबब बन गया हम उसे मारना नहीं चाहते थे वह बार-बार कह रहा था कि एक बार यहां से निकलने दो पुलिस को सब कुछ बता दूंगा तुम सब का भांडा फोड़ दूंगा। अब क्या होगा दिमाग ने काम करना बंद कर दिया कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था और आखरी में संजीत की धमकियोंं से डर कर उसे मौत के घाट उतार दिया फिर शव को प्लास्टिक की बोरी में भरा और भोर सुबह कार से शव को पांडु नदी में ले जाकर फेंक दिया।”
पुलिस के मुताबिक संजीत का अपहरण करने के बाद अपहर्ता समझ नहीं पा रहे थे कि फिरौती कैसे मांगें। इधर संजीत को कंट्रोल नहीं कर पा रहे थे। इसलिए उसको नशे के इंजेक्शन देकर बेहोश कर रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले ये इरादा था कि पैसे लेने के बाद संजीत को मार देंगे। लेकिन वह भागने का प्रयास करने लगा। इसलिए उसे उसी रात मार दिया। यही वजह है कि जब परिजन फोन पर उससे बोल रहे थे कि संजीत से बात करवा दो तो वो बात नहीं करवा रहे थे।
गौरतलब है कि गत 22 जून को पैथोलाॅजी कर्मी संजीत यादव को उसके दोस्ताें ने ही बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाकर उसका अपहरण कर लिया। चार दिन बंधक रखने के बाद 26 जून को उसकी हत्या कर दी। हत्या के तीन दिन बाद आरोपियों ने 30 लाख रूपये फिरौती की मांग शुरू कर दी। पुलिस एक महीने के बाद गुरूवार को रात एक महिला समेत पांच अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एपी दक्षिण अर्पणा गुप्ता, तत्कालीन क्षेत्राधिकारी मनोज गुप्ता समेत 11 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। फिरौती दी गयी या नहीं इसकी असलियत जांचने का जिम्मा एडीजी(मुख्यालय) बी पी जोगदंड को दिया गया है।
