शाहजहांपुर: जड़ी-बूटी में तलाश कर रहे करोना वायरस का इलाज
कुमार सौरभ, शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं अभी तक वायरस की वैक्सीन नहीं बन पाई है। लोग इसका जड़ी-बूटी में इलाज तलाश कर रहे हैं। वायरस के बचाव के लिए लोग आयुर्वेद पर भरोसा जता रहे हैं। प्राचीन काल में आयुर्वेद ही इलाज का एक मात्र जरिया था। वायरस …
कुमार सौरभ, शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं अभी तक वायरस की वैक्सीन नहीं बन पाई है। लोग इसका जड़ी-बूटी में इलाज तलाश कर रहे हैं। वायरस के बचाव के लिए लोग आयुर्वेद पर भरोसा जता रहे हैं। प्राचीन काल में आयुर्वेद ही इलाज का एक मात्र जरिया था। वायरस में फिर से लोग जड़ी-बूटी तलाश रहे हैं।
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हर कोई अपने शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लगा है। घर-घर काढ़ा तैयार किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए डाक्टर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजों के इस्तेमाल की सलह दे रहे हैं। इनमें नीबू और अदरक, दालचीनी, लौंग, इलायची, हल्दी, तुलसी के पत्ते और गिलोय विशेष कारगर हैं। इसलिए इनकी खपत भी बढ़ी है।
सब्जी मंडी के व्यापारी बताते हैं कि एक माह से अदरक और नींबू की खपत 25 से 30 फीसदी तक बढ़ी है। किराना व्यापारी गुड्डू मिश्रा बताते हैं कि इस समय पहले की तुलना में लौंग, इलायची और दालचीनी की बिक्री बढ़ गई है।
क्या कहते हैं आयुर्वेद के डाॅक्टर
आयुर्वेदिक फिजिशियन डाॅ. अंकित गुप्ता ने बताया कि कोरोना महामारी में आयुर्वेदिक दवाओं से फायदा मिलता है। आयुर्वेद का काढ़ा पीने से गले की खरास और जुकाम में आराम मिलता है। यदि हल्का बुखार और बदन दर्द हो तो गिलोय का काढ़ा पीना चाहिए। उन्होंने बताया कि मार्केट में कई कंपनियों के कढ़े मिल रहे हैं। यदि आप मार्केट का काढ़ा नहीं पीना चाहते हैं तो घर पर भी आासानी से काढ़ा बनाया जा सकता है। घर पर काढ़े में पड़ने वाली ज्यादातर चीजें किचन में ही मिल जाएंगी। उन्होंने बताया कि काढ़ा दाल चीनी, लौंग, इलायची, हल्दी, तुलसी के पत्ते से तैयार किया जा सकता है। यदि कोई गिलोय का काढ़ा नहीं पीना चाहत है तो मार्केट में गिलोय घनवटी ले लें, इसकी दो-दो गोली दिन में तीन बार लेनी चाहिए।
यह रखें खयाल
– गर्म पानी पीने की डालें आदत।
– गर्म पानी में हल्दी-सेधा नमक डाल कर करें गरारा।
– नाक में कड़वा तेल य गणु तेल दिन में तीन बार डालें।
– घर में हवन करें या हवन सामग्री को जला कर धुआं करें।
– अमृतारिष्ट 20 एमएल इतने ही पानी में मिला कर पिएं।
– गिलोय घनवटी की दो-दो टेबलेट दिन मे तीन बार लें।
