बरेली: हत्या में उम्रकैद होने पर हरिओम नगर निगम के क्लर्क पद से बर्खास्त

शहनाई बारातघर में सफाई कर्मी की हत्या में नामजद थे, 3 नवंबर को कोर्ट से मिला था आजीवन कारावास

बरेली: हत्या में उम्रकैद होने पर हरिओम नगर निगम के क्लर्क पद से बर्खास्त

बरेली, अमृत विचार। छह वर्ष पूर्व शहर में हुए शहनाई बारातघर हत्याकांड में दोष सिद्ध होने के बाद अभियुक्त हरिओम को नगर निगम के क्लर्क पद से बर्खास्त कर दिया गया। जेल से रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार को नगर आयुक्त ने यह कार्रवाई की है।

ये भी पढ़ें- बरेली: थैलेसीमिया बीमारी है गंभीर, छह माह में खून चढ़ाना अनिवार्य

वर्ष 2016 में शहनाई बारातघर में सफाई कर्मी राजीव उर्फ राजू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक राजू के भाई राज किरन ने नगर निगम में क्लर्क हरिओम सहित कई लोगों को नामजद किया था। कुछ नामजद लोगों की कानूनी कार्रवाई के दौरान मौत हो गई। 3 नवंबर को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट- 2 श्री कृष्ण चंद सिंह ने हत्या के पांच अभियुक्तों को उम्र कैद दी थी। तभी से सभी अभियुक्त जेल में थे। नियमत: 48 घंटे जेल में रहने वाले सरकारी सेवक को निलंबित करने का नियम है, लेकिन हत्याभियुक्त हरिओम के मामले में जेल से रिपोर्ट नहीं आ रही थी।

गुरुवार को जेल से रिपोर्ट आने के बाद नगर आयुक्त ने उसे बर्खास्त कर दिया है। नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि गुरुवार को जेल की रिपोर्ट आने के बाद क्लर्क हरिओम को सेवा से पदच्युत कर दिया है।

32 साल पहले एक कर्मचारी हुआ था बर्खास्त
बरेली। नगर निगम में किसी कर्मचारी की बर्खास्तगी का यह पहला मामला नहीं है। 32 साल पहले वर्ष 90-91 में भी नगर निगम में एक कर्मचारी को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त किया गया था। नगर निगम में मुख्य नगर अधिकारी पद पर मनमोहन सिंह तैनात थे। उस समय स्वच्छता निरीक्षक एसके गुप्ता और कर्मचारी सन्ना सिंह को भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने घूस लेते पकड़ा था। दोनों को जेल हुई थी। सन्ना सिंह मुख्य आरोपी माने गए क्योंकि रुपये उन्हीं के हाथ में थे। तब एमएनए ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2008-09 में एक कर्मचारी को टर्मिनेट किया गया था।

ये भी पढ़ें- बरेली: आरोपी टीटीई की तलाश में लगाई गईं तीन टीमें, फौजी को धक्का देने का आरोप

Post Comment

Comment List

Advertisement

Advertisement