Kanpur: सूर्य और चंद्रमा को प्रसन्न करने को ज्योतिषों के पास नेता जी, महापौर और पार्षद पद की दावेदारी को ठोक रहे ताल
कानपुर में निकाय चुनाव को लेकर ताल ठोक रहे दावेदार।
कानपुर में सूर्य और चंद्रमा को प्रसन्न करने को ज्योतिषों के पास नेता जी जा रहे है। महापौर और पार्षद पद की दावेदारी ठोक कर ग्रहों की चाल रहे जान है। वहीं, चुनाव टिकट मांगने और मनमाफिक आरक्षण के लिए उपाय भी पूछ रहे है।
कानपुर, [अभिषेक वर्मा]। निकाय चुनाव से पहले प्रत्याशियों ने गुणा-भाग लगाना शुरू कर दिया है। टिकट और मनमाफिक आरक्षण के लिए दावेदार ज्योतिषों की शरण में पहुंच रहे हैं। जहां ग्रहों की चाल और उससे होने वाले दुष्प्रभावों से बचने के उपाय पूछ रहे हैं। टिकट मिलेगा या नहीं, चुनाव में विजयी मिलेगी की नहीं, ग्रह गोचर क्या रहेंगे। इन सवालों के जवाब ज्योतिष दे रहे हैं। पिछले एक हफ्ते से शहर के ज्योतिषों के पास अचानक ऐसे नेताओं की भीड़ लगना शुरू हो गई है।
पार्षद मांग रहे महापौर का टिकट
धूनी ध्यान केंद्र के प्रमुख आचार्य अमरेश मिश्र ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में पार्षद के 40 दावेदार आ चुके हैं। जो टिकट और आरक्षण संबंधी सवाल पूछ रहे हैं। तीन ऐसे लोग भी आए जो मौजूदा में पार्षद हैं और महापौर का टिकट चाहते हैं। ऐसे सभी लोगों को ग्रहों की चाल के हिसाब से उपाय बता रहे हैं ताकि, उनको सुखद परिणाम मिल सके। बताया कि, अन्य पार्टियों के मुताबिक भाजपा से ज्यादा लोग आ रहे हैं। अधिकतर लोगों का सवाल होता है कि क्या भाजपा से टिकट मिल जाएगी। तो ऐसे लोगों को भी पूजा और विधि के साथ ज्योतिष उपाय बता रहे हैं, साथ ही कुछ बातों के लिए सावधान भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ज्योतिष विद्या के अनुसार 15 जनवरी तक चुनाव का कार्यक्रम आ जाएगा।
सूर्य और चंद्रमा को मनाना जरूरी
आचार्य अमरेश मिश्र ने बताया कि पिछले दिनों पड़े दो बड़े ग्रहण का प्रभाव प्रतिनिधियों पर पड़ा है। राजनीति चंद्रमा और सूर्य के बिना नहीं हो सकती है। मन का कारक चंद्रमा और आत्मा का कारक सूर्य होता है। पद प्रतिष्ठा देने वाला सूर्य ही है। यदि किसी का सूर्य कमजोर हो तो वह राजनीति में आगे नहीं बढ़ सकता। ऐसे में जिन दावेदारों का सूर्य और चंद्रमा कमजोर हुआ है उन्हें पूजा विधि के साथ ही उपाय कर रहे हैं। जिन्हें अगर पार्षद व महापौर के दावेदार मानेंगे तो जरूर लाभ होगा।
कुंडली का जान रहे योग
पंडित पवन तिवारी ने बताया कि कुछ दावेदार पूछ रहे हैं कि हमारी कुंडली में क्या योग हैं। जिनकी कुंडली में चुनाव जीतने का योग नहीं होता है ऐसे में कई बार वह चुनाव नहीं लड़ते हैं। ऐसे भी लोग आ रहे हैं जिनको चुनाव लड़ने के लिए हमने मना किया लेकिन नहीं मान रहे हैं और अपनी दावेदारी क्षेत्र से कर रहे हैं। बताया कि आरक्षण आने के बाद से ज्योतिष सलाह पूछने वालों की संख्या और बढ़ेगी।
