लखनऊ : एसटीएफ ने संदिग्ध अधिकारियों की तैयार की सूची
केजीएमयू के कई अधिकारी एसटीएफ की रडार पर, पूछताछ कर मामले की जड़ तक जाएगी एसटीएफ
अमृत विचार, लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की सरकारी दवाइयों को निजी मेडिकल स्टोरों पर बेंचने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने छह घंटे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी को आधार बनाकर एसटीएफ ने केजीएमयू के कुछ संदिग्ध अधिकारियों की सूची तैयार की है।
जिनसे जल्द ही पूछताछ कर प्रकरण की जड़ तक एसटीएफ जाएगी। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार तीनों आरोपियों को गुरुवार की देर रात एसटीएफ ने शहर के अलग-अलग कई स्थानों पर लेकर गई। जहां से कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया।
बता दें कि एसटीएफ की टीम ने रजनीश कुमार, नितिन बाजपेयी और प्रियांशू मिश्रा को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपयों की दवाइयां बरामद हुई है। इस पूरे खेल को रजनीश चला रहा था। रजनीश कुमार ने पूछताछ में बताया था कि वह केजीएमयू में रिवाल्विंग फंड (एचआरएफ) की फार्मेसी दवा की दुकान में सेल्समैन का काम तीन वर्षों से कर रहा है। जो केजीएमयू की दवाइयों को लेकर दवाइयों पर लिखे फॉर केजीएमयू एचआरएफ वनली लिखे शब्द को मिटा कर साथी नितिन और प्रियांशु की मदद से बाजारों के मेडिकल स्टोरों पर 30 प्रतिशत कमीशन लेकर बेचता था।
