रामपुर: बैरंग लौटे अकाल तख़्त से आए पंच, नहीं सुलझ सका गुरुद्वारा विवाद
अमृत विचार, बिलासपुर। ग्राम पसियापुर स्थित गुरुद्वारे के प्रबंधन को लेकर चला आ रहा चर्चित विवाद अकाल तख़्त श्री अमृतसर से भेजे गए पंच भी नहीं सुलझा सके। प्रशासन व पुलिस की भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगभग चार घंटे चली वार्ता में विवाद से जुड़े दोनों पक्ष गुरुद्वारा प्रबंधन के लिए नई कमेटी के नामों पर एकमत नहीं हो सके। जिसके बाद पंच बिना फैसला कराए ही वापस लौट गए। अब वह अपनी रिपोर्ट अकाल तख़्त के जथेदार को सौंपेगे। पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए शांति व्यवस्था बनाये रखने को कहा है।
क्षेत्र के प्रसिद्ध शहीद बाबा दीप सिंह गुरुद्वारा के प्रबंधन को लेकर दो पक्षों में पिछले कई महीनों से विवाद चला आ रहा है। प्रशासन ने नियमित सुरक्षा व्यवस्था लगा राखी है। लेकिन कुछ दिनों के अंतराल के बाद कोई न कोई नया विवाद उत्पन्न हो जाता है। विवाद का स्थाई समाधान निकालने के लिए प्रशासन ने दोनों पक्षों को अकाल तख्त श्री अमृतसर की मध्यस्तता के जरिये विवाद सुलझाने के लिए राजी कर लिया था।
इसी के तहत अकाल तख्त श्री अमृतसर के जतथेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सरदार भोला सिंह की अगुवाई में पंच यहां भेजे थे। पंच दल में अकाल तख्त से नियुक्त कोऑर्डिनेटर सरदार भोला सिंह व चार अन्य सदस्यों ने गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर सर्वप्रथम गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में माथा टेका और आगे की कार्रवाई शुरू करने की आज्ञा ली। जिसके बाद पंचों ने दोनों पक्षों से लिखित सहमति ली।
दोनों पक्षों के पंच पंच सदस्यों के साथ वार्ता शुरू की गई। चार घंटे से ज्यादा देर तक वार्ता चली। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया। इससे फैसले के इन्तजार में बाहर खड़ी संगत को निराशा हाथ लगी। देर शाम बिना फैसले के पंच वापिस अमृतसर लौट गए।
जानकार सूत्रों ने बताया है कि अब पंच अपनी रिपोर्ट अकाल तख़्त के जथेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के समुख रखेंगे। जहां से वह इस विवाद को समाप्त करने के लिए अपना आदेश जारी किया जाएगा। जिसमें गुरुद्वारा परिसर से गुरु ग्रन्थ साहिब के स्वरूप को अन्यत्र स्थापित करने का फैसला भी हो सकता है।
पंचायत में यह हुए शामिल
पंच दल में कोऑर्डिनेटर सरदार भोला सिंह, ज्ञानी जगतार सिंह जी हेड ग्रंथि तख्त श्री दमदमा साहिब,ज्ञानी दिलबाग सिंह जी पंज प्यारे साहिबान श्री अकाल तख्त अमृतसर, ज्ञानी मंगल सिंह जी पंज प्यारे साहिबान श्री अकाल तख्त अमृतसर व ज्ञानी गुरदीप सिंह जी पंज प्यारे तख्त श्री दमदमा साहिब शामिल थे।
हजारा सिंह पक्ष की ओर से पांच सदस्य दल में जितेंद्र सिंह सत्येंद्र सिंह अंग्रेज सिंह महेंद्र सिंह गुरबाज सिंह शामिल थे। दूसरे पक्ष देवेंद्र सिंह की ओर से सरदार मलकीत सिंह, प्रीतम सिंह अध्यक्ष तराई सिख महासभा, अवतार सिंह, राजेंद्र सिंह, चकफेरी प्रधान हरमन सिंह पन्नू शामिल रहे।
पुलिस प्रशासन के साथ हुई नोकझोंक
सुबह अकाल तख्त साहिब से पांच सदस्य दल के पहुंचने से पहले देवेंद्र सिंह पक्ष की पुलिस प्रशासन के साथ नोकझोंक भी हो गई थी। नोकझोंक होने का कारण प्रशासन द्वारा दोनों पक्षों के पांच-पांच सदस्यों के अलावा बाकी संगत को गुरुद्वारा परिसर से बाहर जाने को कहना था। जिसके बाद एसडीएम मयंक गोस्वामी ने स्थिति को संभालते हुए सभी संगत को शांतिपूर्वक तरीके से मामले को हल करने को कहा।
जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सीओ अरुण कुमार सिंह, कोतवाल सतेंद्र कुमार सिंह, एसओ मिलक खानम केके मिश्रा, एसओ खजुरिया अजयपाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
