क्षीण हो रहा पंथनिरपेक्षता का संकल्प : अखिलेश
अमृत विचार, लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ‘संविधान दिवस' की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि संक्रमण काल से गुजर रहे हमारे देश में संवैधानिक संस्थाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं। व्यक्ति की स्वतंत्रता का अपहरण हो रहा है। पंथनिरपेक्षता का संकल्प दिन-प्रतिदिन क्षीण होता जा रहा है।
यह भारत के संविधान की उद्देशिका को भूलने का प्रयास तो नहीं है? शनिवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि लोकशाही को बचाने के लिए तानाशाही प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाना आवश्यक है।
ऐसी ताकतें, जो राजनीतिक दल के रूप में भारतीय संविधान की मूलभावनाओं को कुचलने में लगी हैं, उनके खिलाफ जनमानस को खुद के अधिकारों के प्रति सजग करना होगा।
