बरेली बार एसोसिएशन सचिव अमर भारती का दिल्ली में हुआ अंतिम संस्कार

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बरेली, अमृत विचार। बरेली बार एसोसिएशन के सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अमर भारती का रविवार को लोधी रोड, नई दिल्ली स्थित श्मशान भूमि में परिजनों की मौजूदगी में इलेक्ट्रिक मशीन से अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार होने से पूर्व अन्य परिजनों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनके अंतिम दर्शन कराये गये। इस दौरान अधिवक्ता …

बरेली, अमृत विचार। बरेली बार एसोसिएशन के सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अमर भारती का रविवार को लोधी रोड, नई दिल्ली स्थित श्मशान भूमि में परिजनों की मौजूदगी में इलेक्ट्रिक मशीन से अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार होने से पूर्व अन्य परिजनों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनके अंतिम दर्शन कराये गये। इस दौरान अधिवक्ता के बेटे अमन भारती, भाई डा. अजय भारती, बेटी व मामा आदि परिजन ही मौजूद रहे।

वरिष्ठ अधिवक्ता अमर भारती का शनिवार की शाम मैक्स अस्पताल में निधन हो गया था। कुछ दिनों पहले आंत में कैंसर की पुष्टि के बाद उनका ऑपरेशन हुआ था। कुछ दिन स्वस्थ रहे लेकिन इसके बाद उनकी तबीयत में गिरावट दर्ज होती चली गई।

ग्रीन पार्क निवासी अधिवक्ता अमर भारती हंसमुख और हर दिल के अजीज थे। तीन दशक तक उन्होंने वकालत करके अनूठी छाप छोड़ी। बरेली बार एसोसिएशन में वर्ष 2003 के बाद से वह कई वरिष्ठ पदों पर रहे और कभी चुनाव नहीं हारे थे।

सोमवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे अधिवक्ता, दोपहर में श्रद्धांजलि सभा
बार एसोसिएशन अध्यक्ष घनश्याम शर्मा एडवोकेट ने बताया कि हर संघर्ष में चट्टान की तरह अडिग रहने वाले व्यक्तित्व अमर भारती अब हमारे बीच नहीं है। बार के लिए यह अपूर्णनीय क्षति है। दुखी और द्रवित हदय के साथ 27 जुलाई को अधिवक्ता साथी सम्पूर्ण न्यायिक कार्यो से विरत रहेंगे। बार प्रांगण में सोमवार को दोपहर 12 बजे शोक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। अधिवक्ता साथियों से अनुरोध है कि सभा में मास्क व दो मीटर की दूरी के नियम का पालन करते हुए शामिल होकर बार सचिव अमर भारती की आत्मा की शांति को प्रार्थना व श्रद्धांजलि अर्पित करें।

वकीलों के सम्मान के लिए अमर भारती के संघर्ष को नहीं भुला पाएंगे
मामलों के वकील एवं सोशल एक्टिविस्ट मुहम्मद ख़ालिद जीलानी ने बरेली बार एसोसिएशन के सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अमर भारती के आक्समिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त कर इसे अधिवक्ता समाज की अपूर्णीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि अमर भारती के अचानक यूं चले जाने से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। पिछले बीस वर्षों से बार एसोसिएशन व वकीलों के सम्मान के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्ष व कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने वकीलों के सम्मान के लिए लगातार कई वर्षों तक हाईकोर्ट की अवमानना का भी सामना किया था।

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