बरेली: 50 अनुदानित और सात राजकीय इंटर कॉलेज में कंप्यूटर शिक्षा ठप
2013 में शुरू हुई थी योजना, अब शासन ने बजट देना भी बंद किया
बरेली, अमृत विचार। एक ओर जहां डिजिटल व आधुनिक युग में बच्चों के समग्र विकास के लिए कंप्यूटर शिक्षा पर जोर दिया जा रहा तो वहीं अनुदानित व राजकीय इंटर कालेजों में कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए अनुदेशक ही नहीं हैं। उनकी तैनाती ही नहीं की गई है। पूर्व में उन्हें अनुबंध पर रखा गया था। अनुबंध खत्म होने पर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। कई कॉलेजों में कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं।
आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) के तहत इस योजना की शुरुआत जनपद के कुल 57 कॉलेजों में हुई थी। सात राजकीय व 50 अनुदानित कॉलेजों में इसे संचालित किया गया था, लेकिन पांच वर्ष के अनुबंध की सीमा समाप्त होने के साथ ही कंप्यूटर शिक्षा के लिए अनुदेशक या प्रशिक्षकों की स्कूलों में तैनाती नहीं की गई। इसके चलते अधिकतर स्कूलों में योग्य प्रशिक्षक न होने के चलते सिस्टम धूल फांक रहे हैं या कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं।
कंप्यूटर शिक्षा 2013 में इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के तहत शुरू की गई थी। इसके लिए 57 अनुदेशक मानदेय पर रखे गए थे। इन सभी का लाभ हजारों विद्यार्थियों को मिला था। यह योजना शुरुआत में सफल रही थी, लेकिन फिलहाल माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर की क्लास नहीं लग रही है। शासन ने इस योजना के लिए फंड देना ही बंद कर दिया है।
श्री महावीर प्रसाद सक्सेना कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डा. दीपाली भदौरिया ने बताया कि व्यवस्था के तहत स्कूलों के लगे कंप्यूटर से योग्य शिक्षक छात्रों को जानकारी देते हैं। सभी कंप्यूटर संचालित हैं। अनुदेशकों की तैनाती पांच वर्ष के लिए शासन की ओर से की गई थी, अब नहीं हैं।
कंप्यूटर शिक्षा के लिए अनुदेशकों की नियुक्ति शासन से निर्देश मिलने पर की जाएगी। फिलहाल, यह व्यवस्था बंद कर दी गई है, इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं है-सोमारू प्रधान, डीआईओएस।
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