Kanpur में ठंड बढ़ते ही ब्रेन स्ट्रोक का हमला तेज, हैलट और उर्सला अस्पताल में मरीजों की भीड़
कानपुर में ठंड बढ़ते ही मरीजों की अस्पताल में भीड़।
कानपुर में ठंड बढ़ते ही ब्रेन स्ट्रोक का हमला तेज हो रहा है। इसमें हैलट और उर्सला अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी हुई है। तापमान कम होने से बीपी बड़ रहा है।
कानपुर, अमृत विचार। सर्दी बढ़ते ही ब्रेन स्ट्रोक का हमला तेज हो गया है। सरकारी और निजी अस्पतालों में काफी संख्या में मरीज आने शुरू हो गए हैं। सोमवार को हैलट अस्पताल में सात और उर्सला अस्पताल में तीन मरीज इमरजेंसी में भर्ती हुए। इनमें से दो के सिर का आधा हिस्सा प्रभावित हुआ है। मरीजों में ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, शुगर का स्तर बढ़ा हुआ मिला है। डॉक्टरों ने ओपीडी में आए लोगों को हृदय और मधुमेह रोगियों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।
तापमान बढ़ते ही धमनियां सिकुड़ना शुरू हो जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ना शुरू कर देता है। यह कभी अधिक तो कभी कम हो जाता है। ध्यान न देने पर इसका असर सीधे दिमाग पर होता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रो. जेएस कुशवाहा ने बताया कि सोमवार को भर्ती हुए सात में से चार मरीजों में सेलेब्रल थ्रॉम्बोसिस की समस्या पाई गई।
उनके दिमाग में खून का थक्का जम गया है। सभी की उम्र 50 साल से अधिक है। इसमें एक महिला भी शामिल हैं। उर्सला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक के मरीज बेहोशी की हालत में आए हैं। सभी घर में अचानक से गिर पड़े। घरवालों ने उन्हें भर्ती कराया।
वायरल निमोनिया के आने लगे केस
डेंगू, वायरल के साथ ही वायरल निमोनिया के कई केस आने लगे हैं। इसमें बच्चे और बुजुर्ग दोनों शामिल हैं। मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य प्रो. रिचा गिरी ने बताया कि फेफड़ों में संक्रमण की समस्या लेकर काफी मरीज आ रहे हैं। वायरल डेंगू के केस भी आने शुरू हो गए हैं। बुखार, सर्दी और गले में खराश की दिक्कत भी काफी मिल रही है।
खांसी से नहीं मिल रहा आराम
मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल के प्रो. अवधेश कुमार ने बताया कि दमा, सीओपीडी और पुराने टीबी के काफी रोगी आ रहे हैं। ओपीडी में कई लोग गले में खराश, खांसी, जलन, एलर्जी की समस्या लेकर आने शुरू हो गए हैं। यह वायु प्रदूषण और धूल के कणों के चलते हो सकता है।
ओपीडी में आए 3700 मरीज
हैलट अस्पताल की मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, न्यूरो, न्यूरो सर्जरी, ईएनटी, स्किन समेत अन्य ओपीडी में नए और पुराने मिलाकर करीब 3700 मरीज आए हैं। डॉक्टरों ने उन्हें खून जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई आदि की जांच कराने का परामर्श दिया।
व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने इमरजेंसी, आईसीयू का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। उन्होंने सीनियर और जूनियर डॉक्टरों को हर मरीज को सारी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कहा। दवाएं और जांच के लिए उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी न हो। अस्पताल में दलालों पर नजर रखा जाए।
