Kanpur: बुजुर्ग मरीजों की आंख में मिला खतरनाक संक्रमण, ओटी की कल्चर रिपोर्ट का इंतजार, फैले संक्रमण में दवाएं होती बेअसर
Kanpur News कानपुर में बुजुर्ग मरीजों की आंख में संक्रमण मिला है।
Kanpur News कानपुर में बुजुर्ग मरीजों की आंख में खतरनाक संक्रमण मिला है। अब ओटी की कल्चर रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, फैले संक्रमण में दवाएं बेअसर होती है।
कानपुर, अमृत विचार। दो नवंबर को आराध्या हॉस्पिटल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले छह मरीजों की आंख में स्यूडोमोनास एरूगिनोसा ग्राम निगेटिव संक्रमण मिला है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का संक्रमण ओटी से संभव होता है। रिपोर्ट में कहा गया कि इस तरह के संक्रमण में एंटीबायोटिक दवायें काम नहीं करती। मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलाजी विभाग से भेजी गई रिपोर्ट इस बात की पुष्टि हुई।
हैलट अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में सुघर देवा गांव के 70 वर्षीय राजाराम कुरील 63 वर्षीय रमेश कश्यप 63 वर्षीय नन्हीं उर्फ मुन्नी देवी 75 वर्षीय सुल्ताना देवी 72 वर्षीय शेर सिंह और 67 वर्षीय रमादेवी भर्ती हैं। मोतियाबिंद आपरेशन के बाद संक्रमण होने पर आंख से निकलने वाले पानी और पस का नमूना कल्चर जांच के लिए भेजा गया था। मंगलवार को आई रिपोर्ट में रमेश कश्यप नन्हीं उर्फ मुन्नी देवी सुल्ताना देवी शेर सिंह और रमादेवी के आंख में खतरनाक बैक्टीरिया का संक्रमण मिला है।
सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि मरीजों की आंख में घातक बैक्टीरिया मिला है। इस पर अधिकतर एंटीबायोटिक बेअसर हैं। आराध्या आई अस्पताल के ओटी की कल्चर रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
हैलट के नेत्र विभाग में भर्ती रमेशए सुल्ताना देवी नन्हीं देवी की आंखों की रोशनी जा चुकी है। नेत्र विभाग के हेड प्रो. परवेज खान ने भी माना कि तीन बुजुर्गों में संक्रमण अंदर तक पहुंचा है। मगर अब संक्रमण रुक गया है। किसी भी तरह के जोखिम से बचाने के लिए तीनों की आंखों को निकालने की नौबत है। जब तक बुजुर्ग अनुमति नहीं देंगे निकाला जाना संभव नहीं है।
ऐसे में दवाओं से ही संक्रमण को रोका जा रहा हैए जबकि शेर सिंह और राजाराम की रोशनी को कुछ मिल सकती है। माइक्रोबायोलाजी विभाग ने प्रो. परवेज खान को कल्चर टेस्ट कर यह जानकारी दी है कि बुजुर्गों की आंखों में बैक्टीरियल संक्रमण मिला है।
