आध्यात्मिक गतिविधियों को राजनीतिक स्वार्थ का जरिया न बनाएं: उषा ठाकुर
इंदौर। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा दो शिव ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए जाने पर मध्य प्रदेश की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने बुधवार को कहा कि आध्यात्मिक गतिविधियों को राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि फिलहाल राज्य से गुजर रही यात्रा के दौरान गांधी ने पिछले पांच दिनों के भीतर ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए हैं।
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इस बारे में पूछे जाने पर ठाकुर ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, मेरी प्रार्थना है कि किसी भी आध्यात्मिक गतिविधि को राजनीतिक स्वार्थों की सिद्धि का माध्यम नहीं बनाया जाए। ये गतिविधियां हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। ...इसलिए इन गतिविधियों के साथ कोई सौदा नहीं होना चाहिए। शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में शामिल ठाकुर के पास पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग भी हैं।
उन्होंने कहा, आप (गांधी) मंदिरों में जाइए, इसका स्वागत है। लेकिन आप प्रभु की प्रार्थना और प्रभु के दर्शन का महत्व भी समझें। आपको इस धरती पर आए इतने साल हो गए, आप कोई प्रार्थना तो प्रभु को सुना दीजिए। ठाकुर ने जनेऊ को लेकर गांधी के धार्मिक ज्ञान पर सवाल भी उठाए।
उन्होंने कहा, आप (गांधी)जिस जनेऊ को धारण करने की बात करते हैं, क्या आपको पता है कि वह किस कंधे पर पहना जाता है, किन परिस्थितियों में कान पर चढ़ाया जाता है और जनेऊ के तीनों धागे किस बात के द्योतक होते हैं? यदि आपको इसकी जानकारी नहीं है, तो आप हिंदू समाज को भ्रमित करने के लिए जनेऊ मत पहनिए।
भारत जोड़ो यात्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने 1947 में देश के बंटवारे और कश्मीर के एक हिस्से पर पाकिस्तान के कब्जे के घटनाक्रमों का जिक्र किया तथा कहा, मुझे हैरानी होती है कि आज वे लोग देश को जोड़ने की बात कर रहे हैं जिनकी पीढ़ियों ने देश को तोड़ा है। इन्होंने 65 साल तक जनता को भ्रमित किया और अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण की नीति के माध्यम से देश चलाया। उन्होंने गांधी का नाम लिए बगैर कहा, इनके पुरखों ने जो जघन्य पाप किए हैं, उनका प्रायश्चित इनसे इस जन्म में नहीं होने वाला।
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