पीलीभीत: आत्मा का सत्य वचन...एक परिवार तीन मौत, सुसाइट नोट देख अफसर भी चकराए

पीलीभीत: आत्मा का सत्य वचन...एक परिवार तीन मौत, सुसाइट नोट देख अफसर भी चकराए

पीलीभीत, अमृत विचार। रंभोजा गांव में पिता, पुत्र और पुत्री की मौत के बाद भूत प्रेत की चर्चाएं तेज हो गई थीं। इसके बाद जब सुसाइड नोट मिला तो अफसर, ग्रामीण और परिजन हर किसी के होश उड़ गए। सुसाइड नोट में लिखी कहानी ने जहां गांव के लोगों में भूत प्रेत की दहशत बढ़ाने का काम किया। वहीं, इस तरह के अंधविश्वास को भी उजागर कर दिया।

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ग्रामीण बालक राम के घर से जो सुसाइड नोट बरामद हुआ। वह ग्रामीण बालक राम या फिर अन्य किसी मृतक के नाम से नहीं था। यह सुसाइड नोट एक कथित आत्मा की तरफ से था। उसका एक महिला नाम होने का भी जिक्र किया गया है। जिसमें बताया है कि बात उस वक्त की है जब वह जिंदा थी। इसे नाम दिया गया आत्मा का सत्य वचन..। आज के दौर में इस तरह की बात सुनकर शायद ही किसी का सिर न चकराए। इसमें आगे एक पुरानी बात का हवाला दिया गया है कि बालक राम की पत्नी उसके घर पर थी। तभी बेटी मृतक बिटिया बुलाकर ले गईं। इतनी सी बात को ही परिवार को बर्बाद करने की वजह तक लिख दिया।

एक मानसिक मंदित की भी इसी तरह से जान लेने का भी हवाला दिया। चार पन्नों के सुसाइड नोट में वैसे तो कई नाम दिए गए। यह भी लिखा कि इन सब के बारे में बालक राम को कुछ भी नहीं पता। कानून मानें या न मानें उसने ही सब किया है। लंबे समय से वह शालिनी की जान लेना चाहती थीं। जब बालक राम उसे तांत्रिकों के पास ले जाता था तो वह शांत हो जाती।

इलाज में वह कर्ज में भी आया और घर तक उसने ही बिकवाया। इसी तरह से तमाम बातों का जिक्र किया गया। यह भी अंत लिखा कि उसका बदला अब पूरा हो चुका है। इसलिए अब इस परिवार को परेशान नहीं करेगी। कुछ अन्य नामों को लेकर भी बहुत कुछ लिखा है। यह बात अफसरों को भी गले नहीं उतर रही है। आज के दौर में ऐसा कैसे हो सकता है। सभी के मन में तमाम सवाल उठते रहे। फिलहाल, तीन मौतों के बाद भूत प्रेत को लेकर फैला शोर कई सवाल भी खड़े कर गया है।

मनोचिकित्सक बोले- यह एक बीमारी, इलाज जरूरी
लोग भले ही इस सुसाइड नोट को पड़ने के बाद तमाम तरह की चर्चाएं करते हो, लेकिन यह एक गंभीर बीमारी है। जिला अस्पताल परिसर के मन कक्ष की मनो चिकित्सक डॉ.पल्लवी पल्लवी सक्सेना ने बताया कि यह एक गंभीर बीमारी है। इसका मरीज किसी की भी बात नहीं मानता। उसे एक परछाई दिखती और उसकी जो भी बात सुनाई दे, उसी को सच मानकर वही करता है जो वो कराना चाहे। यह भी बताया कि उसी तरह के तमाम केस सामने आ चुके है। बांदा में ही हाल में एक केस सामने आया था।

इसके अलावा एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत का भी केस देश भर में चर्चित रहा। उसी तरह से जिला अस्पताल में भी कई केस सामने आए है। हाल ही में एक दंपती का केस सामने आया था। उसमें दवा के साथ ही काउंसलिंग की गई। इस तरह के मरीजों को सबसे पहले मनो चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। मगर, लोग झाड़ फूंक के चक्कर में लगे रहते हैं। बीमारी का ईलाज दवा से ही होता है। इसलिए ऐसे मरीज को लेकर परिजन सावधानी बरतें। उन्हें पता ही नहीं रहता की वह किसके साथ क्या कर रहे हैं। उन्हे अपने पराए का पता ही नहीं होता।

डेरा जमाए रहे अफसर, एक्सपर्ट जुटाते रहे साक्ष्य
बुधवार तड़के ग्राम रंभोझा में पिता-पुत्र और पुत्री की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में खलबली मच गई थी। एसपी दिनेश कुमार, एएसपी डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ बीसलपुर मनोज कुमार, पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया। एसओजी और सर्विलांस टीम भी मौके पर पहुंच गई।

फील्ड यूनिट टीम के एक्सपर्ट भी बुलाए गए, जिन्होंने घटनास्थल पर घंटों सुराग जुटाए। फिंगर प्रिंट भी जुटाए गए। घटना से जुड़े तमाम सामान को कब्जे में लिया गया।  जिनका परीक्षण कराया जाएगा। दिन भर अधिकारी मौके पर डेरा जमाए रहे और ग्रामीणों से संपर्क कर जानकारी जुटाई जाती रही। रंजिश और विवादों के साथ ही परिवार के बारे में भी पता किया गया।

रंभोझा में दिखे बेनीपुर जैसे हालात
बता दें कि तीन साल पहले आठ जनवरी 2019 में जहानाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बेनीपुर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जान चली गई थी। यह मामला दूध में जहर देकर हत्या करने का निकला था। शासन स्तर तक गूंज रही और तत्कालीन एडीजी ने पीलीभीत पहुंचकर खुलासा किया था। इस सामूहिक हत्याकांड में भी तंत्र विद्या की ओर इशारा किया गया था। बुधवार को जब दियोरियाकलां के रंभोझा गांव में पिता पुत्र और पुत्री की मौत हुई तो कुछ उसी तरह के हालात गांव में दिखाई दिए। गांव की गलियों में सैकड़ों का हुजूम जमा था। पीड़ित परिवार के मकान के बाहर और आसपास की गलियां छावनी में तब्दील हो चुकी थीं। छतों पर भी दिन भर लोग जमा रहे। हर कोई तीन मौतों का रहस्य पता लगाने के लिए जुटा रहा।

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