माननीय दिखाएंगे हरी झंडी, तब रवाना होंगी Signature City Bus Stand से बसें, अभी यात्रियों को करना होगा इंतजार
कानपुर में सिग्नेचर सिटी बस अड्डे से नहीं चल रही बसें।
कानपुर में माननीय के हरी झंडी दिखाने के बाद सिग्नेचर सिटी बस अड्डे से बसें चलेंगी। इसमें अभी यात्रियों को इंतजार करना होगा। मंत्री से मुख्यालय के अधिकारी भी समय मांग रहे है। लोकार्पण के बाद भी जनता के लिए बस अड्डा चालू नहीं हुआ है।
कानपुर, अमृत विचार। नवंबर गुजर गया और पूरी साल गुजरने में मात्र एक महीना भी नहीं बचा है। लगता है, इस साल कानपुर वासियों को तीसरे बस अड्डे की सुविधा नहीं मिल पाएगी। जी हां, यहां बात हो रही सिग्नेचर बस अड्डे की। जिसका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लोकार्पण के बावजूद दूसरे माननीय के पास समय नहीं होने की वजह से जनता को चार महीने बाद भी बस अड्डा नहीं मिल पाया है। नतीजा यह है कि बस अड्डा तैयार है, लेकिन फिलहान वीरान है।
शहर में सबसे बड़े बस अड्डे के रूप में झकरकटी और फिर चुन्नीगंज बस अड्डा है, जहां से काफी संख्या में यात्री बसों से अपनी मंजिल की ओर गंतव्य होते हैं। उसके बाद कल्यानपुर, नवाबगंज, रावतपुर व उसके आसपास के क्षेत्र वासियों को सुविधा देने के लिए सिग्नेचर सोसाइटी के निकट विकास नगर बस अड्डा तैयार किया गया।
इस बस अड्डे की सौगात देने की अहम वजह लखनऊ और फर्रुखाबाद रूट की बसों को व्यस्त ट्रैफिक से सुरक्षित करना था। लेकिन, पूरी तरह से तैयार होने का दावा करने के बावजूद, इस बस अड्डे से बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
करीब 12 करोड़ में की लागत से तैयार हुए बस अड्डे के संचालन को लेकर पहले फर्नीचर की कमी का कारण बताया जा रहा था। 10 अगस्त को मुख्यमंत्री के लोकार्पण करने के बाद भी जब संचालन शुरू नहीं हुआ तो फौरन फर्नीचर कार्य को पूरा करना शुरू किया गया।
फर्नीचर बनने के बाद दीपावली तक बसों का संचालन शुरू करना था, लेकिन यह समय भी निकल गया। सूत्रों की माने तो पहले क्षेत्रीय अधिकारियों और फिर मुख्यालय बैठे अधिकारियों ने परिवहन मंत्री से हरी झंडी दिखाने का आग्रह किया है, लेकिन मंत्रीजी के पास समय नहीं है और इस वजह से बस अड्डे से बसों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।
बस अड्डा पूरी तरह से तैयार है। इसी महीने कोशिश की जा रही है कि बसों का संचालन शुरू किया जाए। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।- लव कुमार सिंह, आरएम, परिवहन विभाग
