बरेली: भ्रष्ट पुलिस कर्मियों की सूची तैयार, दरोगा-सिपाही शामिल
बरेली,अमृत विचार। बरेली मंडल में भ्रष्ट पुलिस कर्मियों की सूची तैयार की गई है। इसमें सीओ, दरोगा, चौकी इंचार्ज समेत 13 सिपाही शामिल हैं। कुछ लोगों को तो एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस कई मामलों में चार्जशीट तक कोर्ट में शामिल कर चुकी है। वहीं, रंगे हाथों पकड़ा गया दरोगा आज …
बरेली,अमृत विचार। बरेली मंडल में भ्रष्ट पुलिस कर्मियों की सूची तैयार की गई है। इसमें सीओ, दरोगा, चौकी इंचार्ज समेत 13 सिपाही शामिल हैं। कुछ लोगों को तो एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस कई मामलों में चार्जशीट तक कोर्ट में शामिल कर चुकी है। वहीं, रंगे हाथों पकड़ा गया दरोगा आज भी जेल में बंद है। कुछ लोगों ने स्टे लेकर खुद को बचाया हुआ है।
बीते दिनों विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल ने डीआईजी राजेश कुमार पांडेय से मिलकर भ्रष्टाचार करने वाले पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने पर जोर दिया था। इसके बाद पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं और बरेली के भ्रष्ट पुलिस कर्मियों की सूची तैयार कराई गई। इसमें वह लोग शामिल हैं, जिन्होंने रिश्वत ली और इनका ऑडियो और वीडियो वायरल हुए। फिर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके साथ कुछ पुलिसकर्मी एंटी करप्शन टीम के द्वारा रंगेहाथों भी पकड़े गए। बरेली में तैनात दरोगा सिपाहियों ने सबसे अधिक भ्रष्टाचार किया है। इसके बाद बदायूं के पुलिसकर्मियों का नंबर आता है। वहीं पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक भी भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज नहीं है।
इनके खिलाफ दर्ज हैं मुकदमे
अलीगंज थाने में तैनात दरोगा नितिन कुमार, दरोगा मुकेश कुमार, सिपाही धनंजय और देवेंद्र ने प्रधान को जेल भेजने की धमकी देकर उससे सात लाख रुपये वसूल लिए। मामला खुला तो उन्होंने पैसा वापस भी किया और उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। इसके साथ ही बहेड़ी थाने में तैनात कांस्टेबल शंकर लाल, भुता थाने के एसओ राजवीर सिंह और दरोगा हरिकेश सिंह, फरीदपुर के कांस्टेबल यसवीर सिंह और विनोद, कांकर टोला चौकी इंचार्ज योगेश गौतम, इसके बाद बदायूं के कादर चौक थाने में तैनात दरोगा हेमराज सिंह, इस्लामनगर थाने में तैनात एसआई यशपाल सिंह समेत दरोगा लक्ष्मण सिंह के खिलाफ मामले दर्ज हैं।
“जिन पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। उनकी लिस्ट तैयार की गई है। इनमें 13 पुलिसकर्मी शामिल हैं। कुछ दरोगा और कुछ सिपाही हैं।” -राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी
