Kanpur से चुनावी जंग में ‘पांचजन्य’ से उद्घोष को तैयार ‘कृष्ण’, जल्द ही शहर आ सकते नीतीश भारद्वाज
कानपुर में जल्द ही नीतीश भारद्वाज आ सकते है।
कानपुर में चुनावी जंग में पांचजन्य से उद्घोष को कृष्ण तैयार करेंगे। जिसके लिए नीतिश भारद्वाज जल्द ही शहर आ सकते है।
कानपुर, अमृत विचार। भाजपा के टिकट से कानपुर संसदीय सीट से निर्वाचित होकर लोकसभा जाने का सपना देखने वाले सावधान! कानपुर लोकसभा क्षेत्र की चुनावी जंग में महाभारत धारावाहिक श्रीकृष्ण पूर्व सांसद नीतीश भारद्वाज अपना ‘शंख पांचजन्य’ फूंक सकते हैं।
उनकी राजनीतिक पारी में भले ही अंतराल थोड़ा ज्यादा हो गया है पर उन्होंने अमृत विचार से साफतौर पर कहा कि वह भाजपा के कार्यकर्ता हैं। उन्हें केंद्रीय नेतृत्व के संकेत की प्रतीक्षा है। जैसे ही आदेश मिलेगा फिर सक्रिय हो जाएंगे। पार्टी हित में नेतृत्व हर आदेश मानने को तैयार हैं।
नीतीश भारद्वाज ने होटल में मिलने आए लोगों से दिल खोलकर बातें कीं। यह भी कहा कि वह जल्द ही कानपुर आएंगे और कन्नौज भी जाएंगे। कम से कम तीन दिन तक रुकेंगे। उनसे मिलने वालों में कानपुर से भाजपा सांसद रहे कैप्टन पंडित जगतवीर सिंह द्रोण भी थे। बताया जाता है कि द्रोण से उन्होंने राजनीतिक चर्चा भी की। कुछ सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि द्रोण के कार्यकाल में सांसद रहे नीतीश भारद्वाज ने कानपुर को लेकर उनसे फीडबैक भी लिया।
संसदीय चुनाव 2024 से पहले कानपुर में भाजपा की गुटबाजी पर पार्टी नेतृत्व काफी गंभीर है। सांसद सत्यदेव पचौरी, देवेंद्र सिंह भोले, अशोक रावत और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बीच जिस तरह मोर्चा खुला है और विकास कार्य को लेकर बैठकों, उद्धाटनों की राजनीति हो रही है उसको लेकर नेतृत्व भी हतप्रभ है।
इसके अलावा पचौरी और गोविंदनगर से विधायक सुरेंद्र मैथानी में मतभेद के बाद भी आजकल गलबहियां कुछ और राजनीतिक कहानी बयान कर रही है। ऐसे में हो सकता है कि कोई बाहरी नया चेहरा कानपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने को आ सकता है। नीतीश भारद्वाज की श्रीकृष्ण की भूमिका को लेकर घर-घर सराहना होती है। यहां तक कि लोग कहते हैं कि भगवान का ध्यान करने पर कृष्ण के रूप में नीतीश का चेहरा मस्तिष्क पटल पर आ जाता है।
नीतीश का तीन दिन का कानपुर दौरा नाटक चक्रव्यूह का मंचन और सामूहिक गीता पाठ के पीछे राष्ट्रीय स्वयं सेवक की रणनीति बतायी जाती है। गीता जयंती पर सामूहिक गीता पाठ आयोजन समिति में प्रचारक अमरनाथ सक्रिय थे जबकि पदाधिकारी भवानी भीख, व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक भी सक्रिय रहे। मंच पर प्रांत प्रचारक श्रीराम की उपस्थिति को लेकर चर्चा है। नीतीश भारद्वाज की उनसे बातचीत भी हुई। बाहर नीतीश के कानपुर से चुनाव लड़ने का सुर्रा कानपुर में छूट चुका है और राजनीतिक क्षेत्रों में चर्चा में है।
